जन्माष्टमी के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, होगा भारी नुकसान

जन्माष्टमी के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, होगा भारी नुकसान

नई दिल्ली: जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र में लड्डू गोपाल का जन्म हुआ था। लेकिन इस साल पंचांग भेद के कारण जन्माष्टमी दो दिन यानि की 18 औऱ 19 अगस्त को मनाई जाएगी। हालांकि 20 अगस्त को भी कृष्ण जन्माष्टमी की बातें हो रही है। लेकिन कुछ लोग 18 को कृष्ण जन्माष्टमी मना रहे है तो कुछ लोग 19 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की बात कह रहे है। इस साल 18 अगस्त 2022 गुरूवार की रात 9:21से अष्टमी तिथि की शुरूआत हो रही है। वहीं 19 अगस्त को रात 10:50 बजे अष्टमी तिथि का समाप्न हो रहा है। वहीं जन्माष्टमी के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भोजन में लहसुन, प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। गलती से भी इस दिन मांस या शराब का सेवन न करें। तामसिक भोजन से परहेज करें। कहते हैं इस दिन तुलसी की पत्ती नहीं तोड़नी चाहिए। बिना तुलसी दल के केशव भोग ग्रहण नहीं करते हैं, इसलिये जन्माष्टमी जैसे विशेष अवसर पर हर भोग के साथ तुलसी दल जरूर रखा जाता है लेकिन तुलसी दल को पहले दिन ही तोड़ लेना चाहिए। जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे की पूजा करें लेकिन तुलसी दल न तोड़ें।

जन्माष्टमी पर गाय एवं बछड़े को भूलकर भी परेशान नहीं करना चाहिए। श्रीकृष्ण का एक नाम गोपाल भी है, जिसका अर्थ ही है- गो का पालन करने वाला। जन्माष्टमी पर किसी का भी अनादर या अपमान न करें। पूरा दिन कृष्ण नाम जप का पाठ करें। पूजन के समय गोपाल सहस्त्रनाम का जाप आपको कृष्ण भक्ति में  रखेगा। इसके अलावा,इस दिन चावल खाने से भी परहेज करें। यदि व्रत न भी हो तो भी इस दिन चावल न खाएं।

Leave a comment