
नई दिल्ली: देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि लोगों को इस बीमारी की सोच से ही डर लगता हैं। बच्चा हो या बड़ा, देश के हर वर्ग इस बीमारी से गुजर रहा है। ऐसे में डायबिट मरीजों को अक्सर मीठी चीजें बंद करने की सलाह दी जाती है। वहीं जिन लोगों को ये बीमारी नहीं भी है उनकों भी मीठा कम करने की सलह दी जाती हैं।
लेकिन क्या आप जानते है एक दम मीठा छोड़ना भी सेहत पर बुरा असर ड़ालती है। लोग डॉ कि सहल से मीठा तो छोड़ देते है लेकिन इसके परिणाम बहुत बुरे देखने को मिल सकते है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मीठा छोड़ने से शरीर पर क्या साइड इफेक्ट्स पड़ सकता है।
दो प्रकार के होते है शुगर
शुगर के दो प्रकार के होते हैं, एक नेचुरल और दूसरा प्रोसेस्ड। प्राकृतिक शुगर हमें आम, अनानास, लीची, नारियल जैसे फलों से मिलती है, लेकिन प्रोसेस्ड शुगर गन्ने और चुकंदर से तैयार की जाती है। चीनी को कंट्रोल में रहकर खाना सही फैसला है लेकिन इसे पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं माना जाता है।
प्रोसेस और नेचुरल शुगर में अंतर
बता दें प्रोसेस शुगर में गन्ने और मीठे चुकंदर शामिल हैं जिसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है, हालांकि इसमें कोई न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं होती, लेकिन नेचुरल शुगर में विटामिंस और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मीठी चीजों का स्वाद हम सभी को आकर्षित करता है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ देना आसान फैसला नहीं है, लेकिन अगर डेली डाइट से इसे हटा देंगे तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
मीठा छोड़ने का नुकसान
कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग अचानक चीनी खाना छोड़ देते हैं उनके शरीर में वैसा ही असर होता है जो नशे की लत छोड़ने पर नजर आता है। इससे आप जल्दी थक जाएंगे, हमेशा सिर दर्द का अहसास होगा जो चिड़चिड़ेपन की वजह बन जाता है।
नेचुरल शुगर को न छोड़ें
चीनी छोड़ने का असर आपके शरीर पर धीर-धीरे होता है, क्योंकि ये एनर्जी का सोर्स है इसलिए इससे दूरी बनाने पर थकान होना लाजमी है। चीनी छोड़ने पर शरीर से एक्ट्रा इंसुलिन घटने लगता है। भले ही आप प्रोसेस्ड शुगर खाना बंद कर दें, लेकिन फल का सेवन जारी रखें, जिससे आपको नेचुरल शुगर मिलेगी और शरीर में ऊर्जा बरकरार रहेगी।
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