
नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते हुए नजर आ रहे है। हाल के दिनों में हुई बारिश की वजह से डेंगू-चिकनगुनिया के मामले में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।बीते एक हफ्ते में डेंगू के फिर से 321 नए मामले सामने आए है। लेकिन ये मामले इसके पहले हफ्ते में आए मामलों से कम है। इस प्रकार डेंगू के इस साल कुल मामले बढ़कर 1 हजार 2 सौ 58 हो गए है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को 10 से 15 फीसद बेड डेंगू और चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए आरक्षित करने को कहा है।
बता दें कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि, मौजूदा मौसम की स्थिति डेंगू जैसे वीबीडी के लिए चरम संचरण अवधि है। पिछले दो हफ्तों में मामलों में तेज वृद्धि देखी गई है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और पूरी स्थिति पर नजर रख रही है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने बेड का 10-15 प्रतिशत वीबीडी रोगियों के लिए आरक्षित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मरीज बिस्तरों की कमी के कारण भर्ती से वंचित न रहे।
डेंगू से सुरक्षित कैसे रहा जा सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। मच्छरों से बचने के प्रयास करें, डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक काटते है। पूरी आस्तीन वाले कपड़ो को पहने। डेंगू के मच्छर आम तौर पर स्थिर और साफ पानी में प्रजनन करते है,इसलिए मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए पानी एकत्रित न होनें दे। सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कंटेनर, फूलदान, कूलर आदि से पानी निकालकर उन्हें साफ जरूर कर लें। इस तरह के बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर डेंगू के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है।
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