
Delhi News: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पीएम मोदी ने कहा कि "मुझे विश्वास है कि यह समिट एक मानव केंद्रित, संवेदनशील वैश्विक AI इकोसिस्टम के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि, "हम इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि इंसान ने हर व्यवधान को एक नए अवसर में बदला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमारे सामने फिर ऐसा ही अवसर आया है। हमें मिलकर इस व्यवधान को मानवता के सबसे बड़े अवसर के रूप में बदल देना है। भारत बुद्ध की धरती है और भगवान बुद्ध ने कहा था, 'राइट एक्शन कम्स फ्रॉम राइट अंडरस्टैंडिंग' इसलिए आवश्यक है कि हम साथ मिलकर ऐसा रोडमैप बनाएं जिससे AI का सही प्रभाव दिखे। और सही प्रभाव तभी आता है जब हम सही समय पर सही नियत से सही निर्णय लेते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि "कोविड महामारी के समय दुनिया ने देखा है कि जब हम एक दूसरे के साथ खड़े होते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है। वैक्सीन विकास से लेकर सप्लाई चेन तक, डेटा साझा करने से लेकर जीवन बचाने तक सहयोग ने ही समाधान दिया। तकनीक कैसे मानवता की सेवा का माध्यम बन सकता है ये हमने भारत में कोविड काल में देखा है। हमारे डिजिटल वैक्सीनेशन प्लेटफॉर्म ने करोड़ों लोगों को समय पर वैक्सीनेशन कराने में बहुत मदद की है।
हमारे लिए टैकनोलजी पावर का नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है- पीएम मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि "UPI ने भारत में डिजिटल डिवाइड को दूर करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। बीते वर्षों में भारत ने एक वाइब्रेंट डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है। हम इसे दुनिया के साथ भी शेयर कर रहे हैं। क्योंकि हमारे लिए टैकनोलजी पावर का नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।
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