‘आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या’ मोदी कैबिनेट में प्रस्ताव हुआ पास

‘आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या’ मोदी कैबिनेट में प्रस्ताव हुआ पास

नई दिल्ली: आज आपातकाल को 50 वर्ष पूरे हो चुके है। इसको लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने कैबिनेट की एक बैठक की। इस बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया है। जानकारी के अनुसार, 1975 में भारत में लगे आपातकाल को ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया गया और उसकी कड़ी निंदा की गई है। 

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडियां को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 1975 में लगाए गए आपातकाल की कड़ी निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया। वर्ष 2025 में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के मद्देनजर यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के मूल्यों को दोहराया गया। उन्होंने बताया कि इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी केंद्रीय मंत्रियों ने आपातकाल के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा. सभी मंत्री खड़े होकर मौन में शामिल हुए

आज कैबिनेट बैठक में 3 बड़े फैसले लिए गए- वैष्णव

कैबिनेट बैठक में पारित प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "आज कैबिनेट बैठक में 3 बड़े फैसले लिए गए। पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 3626 करोड़ रुपए पारित किए गए। दूसरा झरिया (झारखंड) भूमिगत आग का बहुत पुराना मुद्दा है। इसके लिए 5940 करोड़ रुपए का संशोधित मास्टर प्लान मंजूर किया गया। तीसरा, आगरा में 111 करोड़ रुपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र स्थापित किया जाएगा।

 

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