Delhi Blast: प्रशांत बिहार बम धमाके की जांच जारी, इस सफेद पाउडर को डिकोड करने में जुटी टीम

Prashant Bihar Bomb Blast Case: दिल्ली के प्रशांत विहार में बंसीवाला स्वीट्स और सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान धमाके में बेंजोइल पेरोक्साइड यानी ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। पाउडर के साथ कुछ और रसायन भी मिलाए गए थे लेकिन, रसायन कौन-कौन से थे इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। बता दें कि धमाके के लिए इस्तेमाल किए गए पाउडर की जांच रोहिणी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में की जा रही है।
उधर, अधिकारियों ने बताया कि ब्लीचिंग पाउडर आज तक आतंकी वारदात या फिर बम धमाकों में इस्तेमाल नहीं किया गया है। लैब के एक्सपर्ट के अनुसार, बेंजोइल पेरोक्साइड बम धमाकों के लिए इस्तेमाल नहीं होता। मौके से पुलिस को बम धमाके के लिए इस्तेमाल करने वाली कोई डिवाइस भी नहीं मिली है।
क्या होता है बेंजोइल?
बता दें कि बेंजोइल पेरोक्साइड मुंहासे विरोधी पदार्थ है जो जैल, क्लींजर और स्पॉट ट्रीटमेंट में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल हल्के से मध्यम स्तर के इलाज के लिए अलग-अलग मात्रा में किया जाता है। छिद्रों से बैक्टीरिया और मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में प्रभावी होने के बावजूद इसकी सीमाएं हैं। ये मुंहासे के इलाज व मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्नम करने और त्वचा को शुष्क व छिलने से बचाता है।
प्रशांत विहार धमाके की जांच जारी
बता दें कि सीआरपीएफ स्कूल के पास धमाके की जांच प्रशांत विहार थाना पुलिस कर रही है। जांच में आतंकी वारदात व बम धमाका होने जैसी कोई बात सामने नहीं आई। जिसके चलते जांच स्पेशल सेल को नहीं दी गई। दूसरे धमाके के मामले में भी प्रशांत विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, बाकी एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। पूर्व पुलिस उपायुक्त एल न राव के अनुसार, 40 दिनों में दो धमाकों से ऐसा लग रहा है कि यह कोई शरारत नहीं, बल्कि इसमें कोई साजिश हैं। इन धमाकों के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ होने की बात भी उन्होंने बताई है। वे धमाका कर एजेंसियों को बताना चाहते हैं कि हम बहुत कुछ कर सकते हैं।
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