FIFA World Cup 2026: दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 की शुरुआत में अब सिर्फ 32 दिन बाकी हैं, लेकिन भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में अब तक इसके प्रसारण अधिकार तय नहीं हो पाए हैं। ऐसे में करोड़ों फुटबॉल फैंस के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे वर्ल्ड कप के मुकाबले आखिर कहां देख पाएंगे। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 11 जून से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए FIFA लगातार अलग-अलग देशों के ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत कर रहा है। लेकिन FIFA की भारी कीमतों की मांग के कारण अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है।
संगठन के अधिकारी कर रहे कोशिश
रिपोर्ट्स के अनुसार, FIFA की एक बड़ी टीम इस समय चीन में मौजूद है। संगठन के अधिकारी वहां सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के साथ डील फाइनल करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि FIFA ने शुरुआत में करीब 300 मिलियन डॉलर की मांग रखी थी, जबकि CCTV केवल 80 मिलियन डॉलर तक भुगतान करने को तैयार था। बाद में बातचीत 120 से 150 मिलियन डॉलर तक पहुंची, लेकिन अब भी सहमति नहीं बन सकी है।
दूरदर्शन वर्ल्ड कप के प्रसारण की हो रही चर्चा
भारत में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस-डिज्नी जॉइंट वेंचर ने करीब 20 मिलियन डॉलर का ऑफर दिया था, जिसे FIFA ने काफी कम माना। इसके बाद बातचीत फिलहाल रुकी हुई बताई जा रही है। इसी बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं दूरदर्शन एक बार फिर वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल न कर ले, हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निवेश को लेकर बढ़ रही चिंता
एशियाई देशों में मैचों का समय भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। चीन में मुकाबले तड़के करीब 3 बजे प्रसारित होंगे। ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स को डर है कि दर्शकों की संख्या कम रह सकती है। चीन की टीम भी इस बार टूर्नामेंट में क्वालिफाई नहीं कर पाई है, जिससे निवेश को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत और चीन के अलावा थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में भी FIFA की कीमतों को लेकर विवाद जारी है। FIFA फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप्पी बनाए हुए है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है ताकि करोड़ों फैंस वर्ल्ड कप देखने से वंचित न रहें।
Also read: ICC Ranking: वनडे रैंकिंग में भारतीय टीम की बादशाहत कायम, पाकिस्तान को हुआ तगड़ा नुकसान;जानें अन्य टीमों का हाल