Waqf Act: वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस? अखिलेश यादव का बयान आया सामने

Waqf Act: वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस? अखिलेश यादव का बयान आया सामने

Waqf Act AmendmentBill: संसद में गुरुवार को वक्फ बोर्ड अधिनियम संशोधन विधेयक 2024 पेश होना है। सरकार इस संशोधन के माध्यम से वक्फ एक्ट में 44 संशोधन लेकर आने वाली है। इस बिला की कॉपी बुधवार को ही सभी सासंदो को दे दी गई है। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद कई मुस्लिमों संगठनों ने इसका विरोध किया है और सरकार के मंशा पर सवाल उठा दिया था। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल भी इस संशोधन का विरोध करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार संशोदन विधेयक के माध्यम से 44 बदलाव करने वाली है। साथ ही सरकार ने वक्फ बोर्ड में महिलाओं की भागीदारी भी सुनीश्चित की है। इस बिल को लेकर सरकार ने पिछले दो महीनों में 70 से अधिक मुस्लिम संगठनों से बात की है। माना जा रहाहै कि सरकार इस बिल को आम सहमति से पास करवाना चाहती है। अगर इस बिल पर आम सहमति नहीं बन पाई तो समीति के पास बिल को भेजा जा सकता है।

सेक्शन 40 को हटाएगी सरकार

वक्फ कानून 1995 के सेक्शन 40 को हटाया जा रहा है। इस कानून के तहत वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित करने का अधिकार था। लेकिन अब संपत्ति को लेकर अधिकारों पर कैंची चला दी गई है। दरअसल, वक्फ अधिनियम की धारा 40 पर सबसे ज्यादा विवाद है। धारा 40 में प्रावधान है कि अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति समझता है तो वो उसे नोटिस देकर और फिर जांच करके तय कर सकता है कि वो वक्फ की जमीन है। वो यह भी तय कर सकता है कि ये शिया वक्फ है या फिर सुन्नी। वक्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ सिर्फ ट्रिब्यूनल में ही जाने का अधिकार है।

जदयू का बयान आया सामने

बिल आने से पहले जदयू का भी बयान सामने आया है। बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता जमा खान ने कहा है कि नीतीश कुमार देश के सबसे बड़े सेक्यूलर नेता हैं। वे किसी के भी साथ रहे हों, एजेंडा नहीं चलने देते। वे बिहार को अपने हिसाब से चलाते हैं। बिहार में मोहब्बत रखनी है, ये नीतीश का एजेंडा है। इस पर आरजेडी सांसद ने कहा कि जेडीयू ने सही ही कहा है कि नीतीश अपने हिसाब से ही चलते हैं। पिछले कुछ साल में हमने देखा भी है कि कभी इधर रहते हैं और कभी उधर चले जाते हैं।

अखिलेश यादव का बयान भी आया सामने

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक के बहाने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर एक ट्वीट करके लिखा, “'वक्फ बोर्ड' का ये सब संशोधन भी बस एक नजर और एपिसोड मात्रा हैं। भाजपा क्यों नहीं फ्रैंक्स फ़्रांसीसी लेख: 'भाजपा-हिट में जारी' इस बात की रिकॉर्डिंग दी जाए कि वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीनें संगीत नहीं चाहतीं। बीजेपी रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है। उसे अपने नाम में 'जनता' के स्थान पर 'ज़मीन' पर नया नाम देना चाहिए: भारतीय ज़मीन पार्टी।“

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