CJI Suryakant On Cockroach Comment: कॉकरोच वाली टिप्पणी पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक बार फिर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और युवाओं को को गुमराह करने के लिए दुरुपयोग किया गया। उन्होंने अदालतों की कार्यवाहियों के अधूरे वीडियो प्रसारित होने पर चिंता व्यक्त की।
एक चैनल को दिए इंटरव्यू में सीजेआई चीफ जस्टिस ने कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह बेहत दुर्भाग्यपूर्ण था और वह कभी ऐसा सोच भी नहीं सकते थे। जैसे उनकी टिप्पणी को पेश किया गया। उन्होंने कहा कि टिप्पणी का गलत का अर्थ निकाला गया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक केस की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कथित तौर पर फर्जी डिग्री वाले कुछ लोगों की तुलना कॉकरोच से की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सोशल मीडिया या आरटीआई कार्यकर्ता बनकर व्यवस्था को निशाना बनाने लगते हैं। इस टिप्पणी के बयान के बाद युवाओं के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी का गठन कर दिया गया। बाद में इसी संगठन के नेतृत्व में NEET-PG पेपर लीके खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक विरोध-प्रदर्शन हुआ। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इन प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था।
मीडिया से क्या अपील की
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कोर्ट की कार्यवाही की रिपोर्टिंग में मीडिया से जिम्मेदारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का समाज में सद्भाव बनाए रखने का अधिकार ही नही, बल्कि संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य मीडिया से जुडे़ हो, सभी के अधिकारों के साथ उनकी जिम्मेदारियां भी हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों की बात करते समय व्यक्ति में अपने कर्तव्य को पूरा करने की क्षमता होनी चाहिए।
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