
Chhath Puja 2023:भारत में हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व है। यह त्यौहार चार दिनों तक चलता है। हालांकि इस त्योहार की सबसे ज्यादा धूम-धाम बिहार में देखने को मिलती है।
दरअसल छठ पूजा के दौरान महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए व्रत रखती है। वहीं यह सबसे कठिन व्रत भी माना जाता है। इस व्रत को 36 घंटे तक कठोर नियमों का पालन करते हुए किया जाता है। छठ पूजा का व्रत रखने वाले लोग चौबीस घंटे से अधिक समय तक निर्जला व्रत रखते हैं। यह पर्व चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तिथि को सुबह सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।
कब है छठ पूजा?
यह शनिवार, 18 नवंबर को सुबह 09:18 बजे से हो रहा है। यह तिथि अगले दिन रविवार 19 नवंबर को सुबह 07:23 बजे समाप्त होगी।
कब है नहाय-खाय?
इसका पहला दिन नहाने और खाने में व्यतीत होता है। इस साल नहाय-खाय 17 नवंबर को है। इस दिन सूर्योदय प्रातः 06:45 बजे होगा। सूर्यास्त शाम 05:27 बजे होगा।
खरना
छठ पूजा का दूसरा दिन खरना होता है। खरना 18 नवंबर को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:46 बजे और सूर्यास्त शाम 05:26 बजे होगा।
संध्या अर्घ्य का समय
छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है। छठ पर्व की मुख्य पूजा इसी दिन की जाती है। इस दिन श्रद्धालु घाट पर आते हैं और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। संध्या अर्घ्य 19 नवंबर को सूर्यास्त के समय शाम 05:26 बजे होगा।
उगते सूर्य को अर्घ्य का समय
चौथा दिन यानी सप्तमी तिथि छठ महापर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और व्रत खोला जाता है। इस साल 20 नवंबर को सूर्योदय सुबह 06:47 बजे होगा।
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