Chandigarh News: चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी मकानों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली के उपयोग से संबंधित विकल्प और अंडरटेकिंग फॉर्म देने की समय-सीमा बढ़ा दी है। प्रशासन द्वारा आवंटित सरकारी मकानों में रहने वाले हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब अपना विकल्प और अंडरटेकिंग फॉर्म 31 अगस्त, 2026 तक जमा करा सकेंगे।
हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 अगस्त, 2026 तक किसी कर्मचारी का अंडरटेकिंग फार्म प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी ने रूफटॉप सोलर ऊर्जा सुविधा के उपयोग के लिए अपनी सहमति प्रदान नहीं की है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की पहल के तहत सरकारी आवासीय भवनों में रूफटॉप सोलर प्रणाली की शत-प्रतिशत स्थापना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, सोलर उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्जेज) के संबंध में सरकारी कर्मचारियों से प्राप्त प्रतिवेदनों के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत कर्मचारियों को अंडरटेकिंग फॉर्म में निर्धारित विकल्पों में से एक का चयन करना होगा। वे या तो रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग करने तथा निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करने के लिए सहमति दे सकते हैं। इसके अलावा वे इस सुविधा का उपयोग नहीं करने का विकल्प भी चुन सकते हैं या यह भी बता सकते हैं कि यह विकल्प उन पर लागू नहीं होता।
अंडरटेकिंग में यह भी उल्लेख किया गया है कि जो कर्मचारी सोलर ऊर्जा का उपयोग करने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें निर्धारित सोलर उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा तथा सोलर संयंत्र के रखरखाव के लिए अधिकृत कर्मियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देनी होगी। वहीं, जो कर्मचारी इस सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके मामले में रूफटॉप सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली को प्रचलित नियमों के अनुसार ग्रॉस मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से विद्युत वितरण लाइसेंस धारी को हस्तांतरित किया जाएगा।