Haryanan News: हरियाणा के भिवानी में अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर किसानों ने सूखा घोषित करने, फसलों के मुआवजे और टावर लाइन के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
भिवानी में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, तुरंत क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने, विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। इसी दौरान किसानों को सूचना मिली कि बलियाली गांव में टावर लाइन कंपनी द्वारा टावर लगाने का काम किया जा रहा है। किसान मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसान नेताओं का आरोप है कि उनके वाहनों को जब्त किया गया और गांव में पुलिस बैरिकेडिंग की गई।
किसान नेता जगरोषण ने कहा कि भिवानी में करीब डेढ़ साल से टावर लाइन को लेकर विवाद चल रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें जमीन के उचित मुआवजे के बिना टावर लाइन बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। किसान नेताओं के मुताबिक पड़ोसी हिसार जिले में टावर लाइन के लिए किसानों को करीब डेढ़ करोड़ से 2 करोड़ 25 लाख रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा मिला है, जबकि भिवानी में 35 से 37 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने इस मुआवजे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। किसानों के विरोध के बाद बलियाली गांव में टावर लगाने का काम रुकवा दिया गया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उचित और वाजिब मुआवजा किसानों के खातों में नहीं आता, तब तक टावर लाइन का काम नहीं होने दिया जाएगा।
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता दयानंद पूनिया ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ कल सुबह 11 बजे DRDA हॉल में बैठक होगी। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में बलियाली गांव पहुंचने की अपील की है। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की सहमति और उचित मुआवजे के बिना जबरन टावर लगाने की कार्रवाई का विरोध जारी रहेगा।
अब किसानों और जिला प्रशासन के बीच होने वाली बैठक में क्या समाधान निकलता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करने की बात कही है।