
नई दिल्ली: बढ़ती उम्र के साथ जिस तरह हमारा शरीर बूढ़ा और कमजोर होता है उसी तरीके से हमारे दिमाग भी बुढ़ा होता है। जानकारी के अनुसार जब हम 30 वर्ष के होते है और हमारी समझने की क्षमता प्रभावित होती है तो इंसान को चीजे याद रखने, फोकस करने में और मल्टी टास्किंग काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डॉक्टरों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर होता है। दिमाग एक ऐसा अंग है जो किसी व्यक्ति के जीवित रहने तक काम करता है। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दिमाग में भी कई तरह के बदलाव होने लगते है। जैसे याद न रहना, किसी की मदद के बिना काम पूरा न कर पाना, फोकस में कमी आना। ऐसी ही कुछ समस्याएं है जो हमें आम जीवन जीने में परेशानियां डालता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको बताते हैं कि आपका दिमाग बूढ़ा होने लग गया है।
आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में
मेमोरी लॉस: जैसे-जैसे आप 60 साल की उम्र को पार कर रहे होते है आपकी मेमोरी में बदलाव आने लगते है। जो काफी आम बात है। जैसे चाबियां कहां छोड़ी हैं भूल जाना, पार्सवर्ड भूलना या किसी दोस्त का नाम याद रखने में दिक्कत आना। ये उम्र से संबंधित मेमोरी लॉस के सामान्य लक्षण हैं।
समझने में दिक्कत आना- ब्रेन वॉल्युम में कमी के साथ, फ्रंटल लोब और हिप्पोकैम्पस शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा सिकुड़ते हैं। समझने की क्षमता सही से काम ना कर पाने के कारण आपको चीजों को समझने में काफी ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
निर्णय न ले पाना- कुछ तय ना कर पाना या गलत निर्णय लेना एक ऐसा संकेत हैं जो लोगों में याददाश्त कमजोर होने से पहले नजर आने लगते हैं।
मूड स्विंग होने- जैसे-जैसे आपका दिमाग बूढ़ा होता जाता है, दिमाग के काम करने के तरीके में भी बदलाव आता है जो आपके इमोशनल फंक्शन को भी प्रभावित करता है। जैसे-जैसे आप बूढ़े होते जाते हैं, आपको लगातार मूड बदलने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
आंखो में दिक्कत आना- अगर आपको आंखो संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो यह भी उम्र बढ़ने का एक संकेत होता है।
एंग्जाइटी और डिप्रेशन- जैसे -जैसे दिमाग बूढ़ा होता जाता है, एक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ने लगता है जैसे उम्र बढ़ने के साथ ही एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या काफी आम है।
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