
Tej- Pratap Yadav Targeted RJD: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पार्टी के खिलाफ तीखा हमला बोला। इस बार उनका निशाना मनेर से RJD विधायक भाई वीरेंद्र हैं, जिन पर एक दलित पंचायत सचिव को धमकाने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। तेज प्रताप ने पार्टी नेतृत्व से सवाल किया है कि भाई वीरेंद्र के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जबकि उन्हें खुद 'जयचंदों की साजिश' बताकर पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
क्या है विवाद का कारण?
दरअसल, हाल ही में मनेर के बलुआ पंचायत के सचिव संदीप कुमार ने भाई वीरेंद्र पर जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। संदीप ने बताया कि 26जुलाई को भाई वीरेंद्र ने उन्हें फोन पर धमकाया और कहा 'जूता से मारूंगा, पहचान नहीं रहे हो? कुछ भी हो सकता है।' इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जिसके बाद संदीप ने पटना के SC-ST रिकॉर्ड थाने में भाई वीरेंद्र के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
तेज प्रताप का तीखा हमला
दूसरी तरफ, इस पूरे मामले पर तेज प्रताप यादव ने पार्टी के खिलाफ तीखा हमला बोला। बता दें, तेज प्रताप पहले ही RJD और अपने परिवार से निष्कासित किए जा चुके हैं। जिन्होंने तेज प्रताप पहले ही RJD और अपने परिवार से निष्कासित किए जा चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कार्टून पोस्ट शेयर करते हुए लिखा 'क्या RJD अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के उलट SC-ST समाज के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की, जान से मारने की धमकी दी।'
उन्होंने आगे कहा 'मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया... अब देखना है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाएगी या नहीं?' बता दें, तेज प्रताप का यह बयान न केवल भाई वीरेंद्र के खिलाफ है, बल्कि RJD के आंतरिक अनुशासन और नेतृत्व पर भी सवाल उठाता है। उन्होंने दलित समाज के अपमान को शर्मनाक करार देते हुए पार्टी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मालूम हो कि तेज प्रताप का RJD और लालू परिवार से पहले ही विवाद रहा है। मई में तेज प्रताप यादव को RJD और उनके परिवार से निष्कासित कर दिया गया था। यह कदम उनके द्वारा सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ संबंध स्वीकार करने की कथित पोस्ट के बाद उठाया गया, जिसे बाद उन्होंने 'हैकिंग' का मामला बताकर इस मामले को खारिज कर दिया था। निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने अपनी राजनीतिक राह को स्वतंत्र रूप से तय करने का मन बनाया और अब वह 'टीम तेज प्रताप यादव' के बैनर तले महुआ सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरेंगे।
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