AIMIM का महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव, ओवैसी ने लालू को लिखी चिट्ठी

AIMIM का महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव, ओवैसी ने लालू को लिखी चिट्ठी

Asaduddin Owaisi Writes A Letter To Lalu Yadav: बिहार में 2025के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा। ओवैसी ने पत्र में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025के लिए महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि सेकुलर वोटों का बिखराव रोकने के लिए उनकी पार्टी का गठबंधन में शामिल होना जरूरी है।

ओवैसी ने RJD को पत्र लिखा

असदुद्दीन ओवैसी ने RJD को पत्र लिखकर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025के लिए महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। ओवैसी ने ने अपने पत्र में लिखा कि बिहार में सांप्रदायिक ताकतों, खासकर बीजेपी-नीत एनडीए को सत्ता में आने से रोकने के लिए सेकुलर वोटों को एकजुट करना अनिवार्य है। उन्होंने तर्क दिया कि 2015से AIMIM बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही है और हमेशा सेकुलर वोटों के बंटवारे को रोकने की वकालत करती रही है। ओवैसी ने आगे कहा 'पिछले चुनावों में वोटों के बिखराव का फायदा सांप्रदायिक ताकतों को मिला है। इसलिए इस बार हमें मिलकर इसे रोकना होगा।

गौरतलब है कि AIMIM ने पहले भी साल 2020के विधानसभा चुनाव और 2024के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ गठजोड़ की कोशिश की थी। लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही। बावजूद इसके इस बार भी पार्टी ने हार नहीं मानी और औपचारिक रूप से लालू यादव को पत्र लिखकर महागठबंधन पर जोर दिया।

सीमांचल में AIMIM का प्रभाव

बता दें, बिहार के सीमांचल क्षेत्र, जिसमें किशनगंज, अररिया, कटिहार, और पूर्णिया जैसे मुस्लिम-बहुल जिले शामिल हैं, में AIMIM का खासा प्रभाव है। साल 2020के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 20सीटों पर चुनाव लड़ा और सीमांचल की पांच सीटों अमौर, बायसी, जोकीहाट, कोचाधामन, और बहादुरगंज पर जीत हासिल की। हालांकि, 2022में AIMIM को बड़ा झटका लगा जब इसके पांच में से चार विधायक RJD में शामिल हो गए। 

इसके बावजूद, AIMIM ने सीमांचल में अपनी पकड़ बनाए रखी है। 2020 में पार्टी को इन सीटों पर 14.3% वोट मिले थे, जो 2015 के 0.5% की तुलना में ज्यादा थे। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भले ही AIMIM आठ सीटों पर जीत हासिल नहीं कर पाई। लेकिन उसका 4.5% वोट शेयर महागठबंधन के लिए चुनौती बना रहा

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