
नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में मंगलवार (31मई, 2022) को पहली गिरफ्तारी हुई थी। उत्तराखंड से पकड़े गए मनप्रीत सिंह नाम के शख्स को अदालत के सामने पेश करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। मनप्रीत पर आरोप है कि उसने हमलावरों को बोलेरो गाड़ी और कोरोला गाड़ी मुहैया करवाई थी। मनप्रीत भाऊ पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। भाऊ के ऊपर फरीदकोट, मुक्तसर व अन्य जिलों में 9 मुकदमें दर्ज है।
इसके बाद बठिंडा और फिरोजपुर जेल में बन्द दो गैंगस्टर (मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू और शरद) को 5 दिन के प्रोडक्शन वारंट (Production Warrant) पर लिया गया है। दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर और सक्रिय सदस्य हैं। मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू और और शरद वर्चुअल नंबरो से कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के संपर्क में रहते थे। सिद्धू के हत्यारे दो गाड़ियों में आए थे, जिनमें से एक कार बुलेरो को वे वहीं छोड़कर फरार हो गए। कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
बता दें कि, आरोपी मनप्रीत का पहले भी क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। इसके अलावा उस पर आरोप है कि, उस ने ही हमलावरों को कोरोला और बोलेरो गाड़ी मुहैया करवाई थी। मनप्रीत को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने बाकि दोनों आरोपियों को बठिंडा और फिरोजपुर जेल से मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू और शरद को पांच दिन की प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। बता दें कि, मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू और और शरद के बारे में यह बात सामने आई है कि, यह दोनों वर्चुअल नंबरो से कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के संपर्क में रहते थे।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि तिहाड़ जेल के साथ-साथ पंजाब की जेलों में भी मूसेवाला की हत्या की साजिश रची गई थी। जानकारी के मुताबिक, मूसेवाला की हत्या में कुल 6 शूटर्स शामिल थे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार शाम तिहाड़ जेल की स्पेशल सेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर ले लिया है। इससे पिछ्ले बिश्नोई के वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी कि, उसे पंजाब पुलिस की कस्टडी में न सौंपा जाए, पंजाब पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है।
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