
नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। मिली जानकारी अनुसार एक कॉल इंटरसेप्ट हुई है जिसमें वारदात के मास्टरमइंड लॉरेंस बिश्नोई को बेनकाब कर दिया है। इस जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेता सिद्धू मूसवाला की हत्या के ठीक बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 1.38मिनट की कॉल की गई है। इसके मुताबिक मूसेवाला की हत्या के ठीक बाद तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को कॉल किया गया था। इस कॉल में गुर्गों ने मिशन पूरा होने की जानकारी अपने आका को दी थी।
आपको बता दे कि,इससे पता चलता है कि लॉरेंस बिश्नोई के पास एक फोन है और वह जेल के अंदर से अपने गिरोह को चला रहा है। रिकॉर्डिंग में, जो पंजाबी में है, अज्ञात कॉलर पहले पुष्टि करता है कि फोन स्पीकर पर नहीं है, फिर लॉरेंस बिश्नोई को बधाई देता है।कॉल रिकॉर्डिंग में सिद्धू मूस वाला को 'ज्ञानी' कहा जाता है। जब लॉरेंस बिश्नोई यह समझने में विफल रहता है कि 'ज्ञानी' कौन है, तो फोन करने वाले ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि सिद्धू मूस वाला को मार दिया गया है।'मूसेवाला मार दित्ता...' बिश्नोई को जैसे ही जानकारी मिलती है, वह 'ओके' कहता है और कॉल काट देता है।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य अंकित सिरसा ने 29 मई को पंजाब के मनसा जिले के जवाहरके गांव में गायक-राजनेता सिद्धू मूस वाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनकी हत्या पंजाब सरकार द्वारा उनके सुरक्षा कवर में कटौती के एक दिन बाद हुई थी। उसकी ऑटोप्सी रिपोर्ट से पता चला कि गोली लगने के 15 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई और उसके शरीर में 19 गोलियां लगी थीं। अंकित, सिद्धू मूस वाला की हत्या में शामिल शूटरों में से एक था। घटना में दो अन्य घायल हो गए, जब हमलावरों ने एक जीप में गोलियां चलाईं, जिसमें मूस वाला यात्रा कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत निवासी अंकित सिरसा चार महीने पहले लॉरेंस बिश्नोई गिरोह में शामिल हुआ था। गिरोह में शामिल होने के बाद सिद्धू मूस वाला पहला व्यक्ति था जिसे उसने मारा था। उन्नीस वर्षीय आरोपी इस मामले में शामिल सबसे कम उम्र का शूटर भी है। सिरसा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार जुलाई को गिरफ्तार किया था।
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