Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में करीब तीन महीने से चल रही नेतृत्व की खींचतान के बीच बड़ा बदलाव हुआ है। लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात की और मुलाकात के दौरान उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर सौंप दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग को पद से हटाने का फैसला किया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया।
एक्स बायो में खुद को बताया ‘पूर्व अध्यक्ष’
राजा वड़िंग ने गुरुवार को अपने X प्रोफाइल के बायो में खुद को “Former Punjab Congress President” बताया। इससे उनके पद छोड़ने की खबरों को और बल मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, वड़िंग ने हाईकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वड़िंग के पद छोड़ने की एक बड़ी वजह पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी मानी जा रही है। वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता उनके नेतृत्व का विरोध कर रहे थे।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल
5 सितंबर को कांग्रेस ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का AICC प्रभारी बनाया था। इसके बाद पायलट ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की और संगठन की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट हाईकमान को सौंपे जाने के बाद वड़िंग को बदलने की प्रक्रिया तेज हुई। पार्टी के भीतर कई नेता लंबे समय से वड़िंग के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। जुलाई में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थक नेताओं की बैठक भी बुलाई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में पार्टी के अंदर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे।
चन्नी और रंधावा समेत कई नेता विरोध में
वड़िंग के विरोधी नेताओं का आरोप था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ कांग्रेस उतनी आक्रामक नहीं दिख रही है। हाल के दिनों में वड़िंग ने ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और गुलजार सिंह की मौत जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किए। 15 सितंबर को सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस के कई विरोधी गुट एक मंच पर भी आए थे। हालांकि यह एकता लंबे समय तक नहीं चल सकी और पार्टी के भीतर मतभेद फिर सामने आए।
अब किसे मिलेगी जिम्मेदारी?
राजा वड़िंग के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान किसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल है। विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नाम चर्चा में हैं। पार्टी हाईकमान अब नए अध्यक्ष के जरिए संगठन में आगे की रणनीति तय करेगा। वड़िंग को 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान दी गई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 7 सीटें जीती थीं और वड़िंग खुद लुधियाना से सांसद चुने गए थे। अब विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व में यह बदलाव पार्टी के लिए एक अहम संगठनात्मक घटनाक्रम है।
Also read: UP News: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने गठबंधन का रास्ता किया साफ, SP-कांग्रेस के साथ चलने की कही बात