
Know Bhawanipur Constituency: पश्चिम बंगाल का सियासी रणभूमि सज चुका है। सभी राजनीतिक खिलाड़ी मैदान में उतर चुके हैं। दो चरणों में होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की तऱफ से पूरी ताकत झोंकी जा रही है। ताकत बंगाल के भवानीपुर विधानसभा पर भी झोंकी जा रही है। क्योंकि यहां से शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी का मुकाबला है।
ये वहीं, शुभेंदु अधिकारी हैं, जिन्होंने 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को चुनाव हरा दिया। अब उसी बात को ध्यान में रखते हुए ममता बनर्जी अपनी सीट पर तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। ममता बनर्जी ने इस सीट को लेकर बड़ा बयान भी दिया है।
क्या बोलीं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल ने अपनी पार्टी के सभी नेताओं को अलर्ट रहने को कहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है। 3 दिनों में 50 लोगों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने कई पार्षदों की भूमिका पर नाराजगी दिखाई हैं। भवानीपुर विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हर कोई मुझे जानता है। घर बदलने की बात होने के बाद भी मैंने भवानीपुर नहीं छोड़ा। ममता बनर्जी ने कहा कि मेरी मां ने मुझे यह घर बदलने नहीं दिया।
भवानीपुर सीट का इतिहास
बता दें कि भवानीपुर पर कई सालों तक कांग्रेस का कब्जा रहा। वामपंथी दल ने 1969 में कुछ वक्त के लिए चुनाव जीता। जब इस सीट का नाम बदलकर कालीघाट कर दिया गया। भवानीपुर की राजनीतिक यात्रा ने 1972 में मोड़ लिया, जब परिसीमन के बाद इस विधानसभा का मानचित्र बदल गया। हालांकि, 2011 के परिसीमन के बाद भवानीपुर को फिर विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। उस दौरान बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ। साल 2011 में ही वामदल के शासन का अंत हुआ और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं।
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