
Special news: भारत में इस समय पराली को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। पराली के जलाने से दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में हवा प्रदूषित हो गई है और यह कोई पहली बार नहीं है। हर साल इसी समय पराली जलाने की समस्या से दिल्ली जूझती है। लेकिन आज हम आपको ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे है जो पराली को जलाते नहीं है और इसका इस तरह से इस्तेमाल करते है कि आप इसके बारे में जानकर हैरान हो जाएंगे और कहेंगे कि हमें भी ऐसा ही करना चाहिए।
पराली का ऐसा इस्तेमाल करके प्रदूषित हवा को करें दूर
दरअसल भारत के साथ-साथ चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड समेत दुना. के दर्जनों देश चावल पैदा करते है। लेकिन हर साल भारत के कई हिस्सों में लोगों पराली की समस्या का सामना करते है। वहीं कई देश इस समस्या से निजात पा चुके है। इतना ही नहीं पराली का इस्तेमाल दूसरी चीजों में करते है। बता दें कि दुनिया के 62 चावल उत्पादक देशों ने पराली को जलाने के बजाए इसके इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है।
बिजली बनाने के लिए पराली का करते है प्रयोग
उधर चीन ने करीब 20 साल पहले पराली जलाने पर सख्त रूख अपनाया था। इसके खत्म करने के प्राकृतिक तरीकों पर काम किया है। चीन के कई प्रांतों पराली को जलाने की बजाए इससे बिजली उत्पन्न करने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा जापान में पराली को जानवरों के लिए चारे के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं भारत में जानवरों के लिए तो पराली का इस्तेमाल करते है लेकिन उससे ज्यादा लोग जलाने का काम करते है। जिसकी वजह से दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में हवा काफी प्रदूषण हो जाती है। इतनी ही नहीं लोगों को सांस लेने में भी काफी तकलीफ होने लगती है। साथ ही कमजोर शरीर वालों में अस्थमा अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है।
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