
New York BAPS Temple: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे से पहले न्यूयॉर्क में BAPS स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। इसके साथ भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं। इस घटना पर भारत के वाणिज्य दूतावास ने कड़ी आपत्ति जताई है। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई को लेकर अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाया है।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
यह घटना न्यूयॉर्क शहर के मेलविले में BAPS स्वामीनारायण मंदिर की है। जहां मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। मामला यही नहीं रूका, मंदिर के बाहर भारत और मोदी विरोधी नारे भी लिखे गए हैं। इसे लेकर न्यूयॉर्क में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया ने आपत्ति दर्ज कराई है। कॉन्सुलेट ने कहा है कि हमने अमेरिकी लॉ एनफोर्समेंट के सामने यह मुद्दा उठाया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, 'न्यूयॉर्क के मेलविले में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के पास संकेतक बोर्ड में की गई छेड़छाड़ की घटना अस्वीकार्य है।' वाणिज्य दूतावास समुदाय के संपर्क में है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की माग उठाई है।'
22 सितंबर को PM Modi जाएंगे अमेरिका
मेलविले, लॉन्ग आइलैंड के सफोल्क काउंटी में मौजूद है। यह 16,000 सीटों वाले नासाऊ वेटरन्स मेमोरियल कोलिजीयम से लगभग 28 किलोमीटर दूर है। जहां 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। आपको बता दें, पीएम मोदी सितंबर महीने में तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका जा रहे हैं। पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा 21, 22 और 23 सितंबर को होनी है।
हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की मांग की
इस घटना के बाद BAPS ने कहा कि हमें दुख है कि एक बार फिर नफरत और असहिष्णुता के बीच शांति की अपील करनी पड़ रही है। कल रात को न्यूयॉर्क में स्वामीनारायण मंदिर में नफरत भरे संदेशों के साथ तोड़फोड़ की गई। दुर्भाग्य से उत्तरी अमेरिका में यह अकेली घटना नहीं है। हिंदू मंदिरों में इस तरह की अपवित्र घटनाएं पहले भी हुई हैं। स्वामीनारायण मंदिर इस घटना की कड़ी निंदा करता है। इसके घटना के बाद हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि न्याय विभाग और गृह सुरक्षा विभाग को इस घटना की जांच करनी चाहिए।
Leave a comment