
नई दिल्ली: आज के समय में हर पांच लोगों में से तीन लोगदमा की गंभीर बीमारी से जूझ रहे है। जिसका इलाज केवल सावधानियां बरतना ही है। वो कहते है ना कि सावधानी हटी दुर्घटना घटी,ये कहावत इस बीमारी पर लागू होती है क्योंकि इस बीमारी में जितना आप धूल वाली जगह, ज्यादा गर्म-ठण्डे वातावरण से दूर रहेगें, उतना ही आप के लिए ठीक रहेगें।
जैसे ही आपने इन कामों को करना शुरू किया, वैसे ही आपकी अस्थमा आपके शरीर पर असर करना शुरू कर देगा। जिससे आपको सांस लेने में परेशानी, खांसी उठना, सीने में दर्द होना शुरू हो जाएगा। इसलिए अगर आपको इस बीमारी से बचाव करना है तो धूल वाली जगह पर जाने से परहेज करना होगा।
वहीं इससे बचाव के लिए खान-पान भी अहम भुमिका निभाता है। अगर आप भोजन में पोषक आहार और बाहर के खाने से परहेज करेगें तो आप काफी हद तक इस बीमारी से दूर रह सकेंगे।
इन सब्जियों, फलों का करें सेवन
शिमला मिर्च
शिमला मिर्च में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी और फाइटोन्यूट्रिएंट्स होती है। जो आपकी अच्छी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।
अनार
अनार फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-के और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। जो कोशिका क्षति को रोकने में मदद करता है।
अदरक
अदरक में भी एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। जो तनाव को रोकने और शरीर के डीएनए को नुकसान पहुंचाने से रोकने में मददगार साबित होता है। अदरक ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और फेफड़ों के रोग जैसी कई बीमारियों से लड़ने में भी लाभदायक होता है।
पालक
पालक को सुपर फूड माना जाता है। इसमें प्रोटीन, आयरन, विटामिन, मिनरल, पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन-के, फाइबर, फास्फोरस, थायमिन और विटामिन-ई जैसे पोषक तत्व होते हैं। जो त्वचा, बालों और हड्डियों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं और यह अस्थमा के लक्षणों को कम करने में भी आपकी मदद करता है।
टमाटर का रस
वहीं टमाटर के रस में विटामिन-सी, विटामिन-बी और पोटेशियम काफी मात्रा में होता है। जो लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत होने के कारण, यह हृदय रोगों और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
सेब
सेब फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर होते है। यह वजन कम करने और आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। सेब मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर जैसी कई पुरानी बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है।
हरी बींस
हरी बींस विटामिन ए-सी-के, फोलिक एसिड, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होती हैं। यह हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हरी बींस में मौजूद विटामिन-बी भी डिप्रेशन को कम करने में आपकी मदद कर सकते है।
संतरा
विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, ये पोषक तत्वों का खजाना है। यह विटामिन-सी और फोलेट से भी भरपूर होता है।
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