
Kokrajhar Special Assembly Session: असम के मुख्यमंत्री हिंमता बिस्वा सरमा की घोषणा के बाद विधानसभा का विशेष सत्र 17 फरवरी को कोकराझार में आयोजित होगा। असम आंदोलन का केंद्र कोकराझार रहा था। यही कारण है कि CMहिंमता ने ये फैसला लिया। उन्होंने इस फैसले के पीछे छठी अनुसूची क्षेत्रों के प्रशासन को मजबूत करने का उद्देश्य बताया है। अब हिंमता के इस कदम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कोकराझार में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजिक करने के लिए सीएम हिंमता की सरहाना की है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र और असम दोनों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकारें बोडो समुदाय को सशक्त बनाने और बोडो आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।
“कोकराझार, बोडोलैंड आंदोलन का केंद्र था”
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, '17 फरवरी को असम ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल करेगा, क्योंकि कोकराझार, जो कभी बोडोलैंड आंदोलन का केंद्र था, एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करेगा। मुख्य एजेंडा छठी अनुसूची क्षेत्रों के प्रशासन को मजबूत करना होगा, जिसमें राज्यपाल का अभिभाषण एक प्रमुख आकर्षण होगा।' उन्होंने कहा, यह माननीय प्रधानमंत्री के असम के प्रति अटूट प्रेम और माननीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन से संभव हुआ है। उनका नेतृत्व शांति, स्थिरता और प्रगति की ओर हमारी यात्रा को आगे बढ़ाता रहेगा।
पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
CMहिंमता के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने इसका स्वागत किया और कोकराझार की अपनी यात्रा को भी याद किया। पीएम मोदी ने लिखा- 'केंद्र और असम दोनों में एनडीए सरकारें बोडो समुदाय को सशक्त बनाने और बोडो आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। ये कार्य और भी अधिक जोश के साथ जारी रहेंगे। मुझे कोकराझार की अपनी यात्रा याद आती है, जहां मैंने जीवंत बोडो संस्कृति देखी थी।'
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