
Assam Earthquake:असम में आज सुबह के समय भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने गुवाहाटी सहित राज्य के कई शहरों को हिला दिया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप सुबह 2:25बजे आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0मापी गई। भूकंप का केंद्र मोरीगांव जिले में था, जो जमीन से 16किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। गुवाहाटी, तेजपुर, नागांव जैसे शहरों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए, जिससे कई लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
असम भूकंपीय जोन V में आता है, जो इसे भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र बनाता है। अभी तक इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हानि की खबर नहीं आई है, लेकिन लोग सतर्क हैं। यह घटना हाल ही में 25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में आए 5.1 तीव्रता के भूकंप के कुछ दिनों बाद हुई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।
क्यों आते हैं भूकंप?
दरअसल, धरती की मोटी परत जिसे क्टोसनिक प्लेट्स कहा जाता है, वह अपनी जगह से खिसकती रहती है। ये प्लेधट्स अमूमन हर साल करीब 4-5 मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। ये क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर , दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इस क्रम में कभी कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ऐसे में ही भूकंप आता है और धरती हिल जाती है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50 किमी तक नीचे हैं।
कैसे करें बचाव?
अगर अचानक भूकंप आ जाए तो घर से बाहर खुले में निकल जाएं। यदि आप घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के नीचे छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े होकर भी खुद को बचा सकते हैं। भूकंप आने पर लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। खुले स्थान में जाएं, पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें। इसके अलावे भूकंप रोधी मकान भी उतने ही जरूरी होते हैं। यह हालांकि बहुत महंगा नहीं होता, पर इसे लेकर लोगों में जागरूकता की कमी के कारण अक्स र लोग इसकी अनदेखी कर बैठते हैं।
Leave a comment