Assam: असम में सार्वजनिक जगहों पर बीफ बैन, इस राज्य की आबादी खाती है ज्यादा गोमांस

Beef Banned In Assam: तीन दिन पहले ही असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस को चुनौती दी थी कि, अगर कांग्रेस लिखकर दे तो असम में बीफ पर बैन कर देंगे। अब इस कड़ी में सीएम हेमंत ने एक आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक स्थलों पर बीफ पर बैन लगा दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने कहा कि अब किसी भी होटल रेस्टोंरेट या पब्लिक प्लेस में गोमांस नहीं परोसा जाएगा। इसके अलावा शादी-पार्टी में भी बीफ खाने पर पाबंदी लगा दी है। फिर चाहे कोई फंक्शन ही क्यों ना हो। हालांकि अगर कोई घर में रहकर खाना चाहता है खा सकता है।
असम में बीफ पर कानून?
बता दें कि असम में बीफ खाने पर रोक नहीं था। हालांकि साल 2021 में असम कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट लया गया था। ये कानून उन इलाकों में स्लॉटर हाउस खोलने की इजाजत पर रोक लगाता था। जहां पर हिन्दू, सिख और जैन बहुसंख्य है। इसके साथ ही मंदिर या मठ के पांच किलोमीटर के दायरे में इस पर रोक लगाया गया था। इस कानून के तहत गाय, बैल, भैस सभी तरह के मवेशी आते थे लेकिन भैंस को इससे बाहर रखा गया था। कानून के मुताबिक, दोषी पाए जाने पर 3 से 8 साल की जेल की प्रावधान है।
गोमांस खाने वालों की आबादी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आठ लाख से ज्यादा लोग बीफ खाते हैं। यानी भारत की सात फीसदी आबादी बीफ खाती है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 6.34 करोड़ मुस्लिम बीफ खाते हैं। वहीं, 65 लाख ईसाई बीफ खाते हैं। जबकि 1.26 करोड़ हिंदू भी ऐसे हैं जो बीफ खाते हैं। गोमांस की सबसे ज्यादा खपत मेघालय में है। यहा की करीब 81 फीसदी आबादी बीफ खाती है। वहीं, लक्षद्वीप की 77 फीसदी, नागालैंड की 58 फीसदी, सिक्किम की 31 फीसदी, जम्मू-कश्मीर की 30 फीसदी, केरल और अरुणाचल की 25-25 फीसदी, मणिपुर की 24 फीसदी, मिजोरम की 23 फीसदी और असम की 22 फीसदी आबादी बीफ खाती है।
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