सेना अब चीन को देगी सीधी चुनौती, पूर्वोत्तर के लिए केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

सेना अब चीन को देगी सीधी चुनौती, पूर्वोत्तर के लिए केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Big Announcement For NorthEast: चीन सीमा के पास केंद्र सरकार ने बड़े हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे सीमांत इलाकों तक कनेक्टिविटि में इजाफा होगा। इसके अलावा सुदूर अरुणाचल प्रदेश से अन्य राज्यों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। अरुणाचल प्रदेश पर तवांग  नाम से चीन दावा ठोकता आया है। ऐसे में उसके लिए इतन बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान कर भारत ने उसे सीधा मैसेज दिया है।

मोदी सरकार के मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के कामले जिले में लगए एक मेले के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह हाईवे चीन और भारत बॉर्डर पर 12 जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक सपने के पूरे होने जैसा है। पूर्वेतर भारत के राज्यों के लिए गेमचेंजर होगा। 

क्या कहा रिजिजू ने?

रिजिजू ने कहा कि हम हाईवे पर 42,000 करोड़ रुपए की लागत लगेगी। यह अकेला ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने एक बार में ही फंड को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश फ्रंटियर हाईवे रणनीतिक रुप से बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पुणे-मुंबई एक्सप्रेस, कोलकाता-चेन्नई एक्सप्रेसवे और जयपुर-दिल्ली कॉरिडोर आदि पर बड़ी लगात आई है लेकिन, रणनीतिक रूप से अहम प्रोजेक्ट्स की बात करे तो यह सबसे अहम होगा।

उपराष्ट्रपति क्या बोले?

उन्होंने कहा कि यह अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए गर्व की बात है। वहीं, उपराष्ट्रपति ने भी कहा कि रिजिजू का सपना था कि एक ऐसा हाईवे अरुणाचल के लिए मंजूर हो और वह पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि फंड को मंजूरी मिल चुकी है। अब काम शुरू होना है। न्योकुम योलो नाम के मेले में रिजिजू और उपराष्ट्रपति मौजूद थे। वह अरुणाचल प्रदेश की निशी जनजाति का सबसे प्रमुख त्योहार माना जाता है। 

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