15 साल की मासूम से दो साल तक सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस की गिरफ्त में 13 लोग; मुख्य आरोपी फरार

15 साल की मासूम से दो साल तक सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस की गिरफ्त में 13 लोग; मुख्य आरोपी फरार

Andhra Pradesh Crime News: आंध्र प्रदेश से एक 15 साल की दलित लड़की के साथ दो साल तक सामूहिक दुष्कर्म का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। 09 जून को इस मामले में पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते इस जघन्य अपराध में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें, ये मामला आंध्र प्रदेश के श्री सत्या साई जिले के रामागिरी मंडल के एद्गुराल्लापल्ली गांव का है। यहां रहने वाली 15 वर्षीय दलित किशोरी के साथ 14 लोगों ने कथित तौर पर दो साल तक यौन शोषण किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता एक सरकारी स्कूल की छात्रा थी और उसकी मां मजदूरी करती है, जबकि उसके पिता का निधन हो चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और उसकी कमजोर सामाजिक-आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर उसे निशाना बनाया।

इस डर की वजह से पीड़िता चुप रही और दो साल तक यातना सहती रही। लेकिन अचानक उसे पता चला कि वह गर्भवती है। छोटी-सी उम्र में उसका प्रेगनेंट होने उसकी हालत बिगड़ने लगी। तब उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती बताई। जिसके बाद मां ने 09 जून को पुलिस स्टेशन जाकर ये मामला दर्ज कराया। वहीं, पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझा और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले में श्री सत्या साई जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) वी. रत्ना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया 'यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर हमने तुरंत कार्रवाई शुरू की। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आगे बताया कि मुख्य आरोपी, जिसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, फरार है। मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

पुलिस ने इस मामले में 09 जून को छह लोगों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान अचमपल्ली वर्धन (21), तलारी मुरली (25), बदागोरला नंदवर्धन राज उर्फ नंदा (23), अरेंचेरू नागराजू उर्फ हरियाणा चेरुवु नागराजू (51), बोया संजीव (40), और बुदिदा रजन्ना (49) के रूप में हुई। जांच-पड़ताल को तेज करते हुए पुलिस ने 10 जून को सात अन्य लोगों, जिनमें एक नाबालिग शामिल है, को गिरफ्तार किया। वहीं, नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जबकि अन्य को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।  

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