
Adani Group On Hindenburg Report : अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने सेबी पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगा दिए हैं। शनिवार को जारी किए गए एक रिपोर्ट में सेबी चीफ माधबी पुरी बुच की तरफ से स्टेटमेंट जारी किया गया और इन आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। वहीं अब इस मामले में गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की ओर से भी बयान जारी किया गया है ओर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में किए गए दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
बता दें कि अडानी ग्रुप की तरफ से हिंडन रिसर्च की नई रिपोर्ट को लेकर बयान जारी किया गया। इस बयान में कहा गया है कि इस रिपोर्ट में लाए गए आरोप दुर्भावना पूर्ण और तथ्यों को जोड़ तोड़ कर पेश किये गए हैं। हम समूह के खिलाफ़ हिंडेनबर्ग द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं, जो सिर्फ हमें बदनाम करने वाले दावों की रि-साइक्लिंग है। अडानी ग्रुप की तरफ से कहा गया है कि पहले लगाए गए इन सभी आरोपों की गहन जांच की जा चुकी है, जो पूरी तरह से निराधार साबित हुए हैं। इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2024 में पहले ही खारिज कर दिया है।
हिंडनबर्ग ने लगाए हैं क्या आरोप?
अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप और सेबी चीफ माधवी बुच के बीच लिंक होने का दावा करते हुए आरोप लगाया था। इसमें कहा गया था कि व्हिसलब्लोअर से मिले दस्तावेजों से पता चला है की जिन ऑफशोर संख्याओं का इस्तेमाल अडानी मनी साइफनिंग स्कैंडल में हुआ, उसे सेबी अध्यक्ष की हिस्सेदारी थी। इसके साथ ही रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि माधवी बुच और उनके पति धवल बुच ने 5 जून 2015 को सिंगापुर में आइपीई प्लस फंड एक के साथ अपना अकाउंट खोला, इसमें दम्पत्ति का कुल निवेश 10 मिलियन डॉलर आंका गया है।
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