Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 4 लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है। सरकार इन लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगी। कैबिनेट ने कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लिंक करने की योजना 6 लेन का है और 8 लेन तक विस्तार हो सकता है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मॉडल के तहत किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से लखनऊ में ट्रैफिक से राहत मिलेगी।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो इटावा के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साइनेज 133 से शुरू है। फिर फर्रुखाबाद होते हुए हरदोई के निकट गंगा एक्सप्रेसवे के साइनेज 282 पर जाम कनेक्ट होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे डेढ़ साल में पूरा करने की योजना बनाई है। इसकी फंडिग उत्तर प्रदेश सरकार करेगी। इसके अलावा झांसी एक्सप्रेसवे परियोजना का लक्ष्य बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को झांसी शहर से जोड़ना है। ये एक्सप्रेसवे डिफेंस इंडिस्ट्रियल कॉरिडोर के झांसी प्वाइंट और ओरछा, झांसी किला जैसे पर्यटन स्थलों की तरफ आवागमन आसान बना देगा।
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के काम में आएगी तेजी
जेवर में बने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने के लिए एक्सप्रेसवे बन रहा है। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक्स, उद्योग को प्रयागराज तक जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई की कीमत में कमी आएगी।
बता दें कि इन सभी हाइवे का निर्माण ईपीसी मोड में होगा। कैबिनेट फैसले में कहा गया है कि टेंडर पाने वाले एजेंसी को निर्माण करने के बाद अगले 5 साल तक सड़क के रखरखाव और मरम्मत का काम देखना होगा। इन लिंक एक्सप्रेसवे को तीन साल में निर्माण करना होगा।
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