Ranchi Protest:झारखंड में बीते 24 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 17 अगस्त की रात राहत मिली। प्रदर्शनकारी छात्रों के सामने झारखंड की हेमंत सरकार झुक गई और JSSC CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया। इस ऐलान के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में खुशी लहर दौड़ पड़ी। वही, परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों की नौकरी छीन गई।
हेमंत सोरेन के ऐलान के बाद सीजीएल पास कर चुके और नौकरी कर रहे उम्मीदवार ने पहले मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया और देर रात तक मंत्रालय के बाहर बारिश के बीच डटे रहे। उन्होंने मंत्रालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने से SO, ASO समेत अलग-अलग पदों पर कार्यरत 2250 उम्मीदवारों की नौकरी चली गई।
परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने खोला मोर्चा
बता दें कि प्रोजेक्ट भवन के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी खड़े हैं। वह कल तक इस प्रोजेक्ट भवन में काम कर रहे कर्मचारी आज अचानक बाहर हैं। अभ्यर्थियों के बीच सरकार के फैसले को लेकर काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उन्होंने अन्य नौकरियों को छोड़ अपने राज्य में नौकरी करने का निर्णय लिया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बिना उनका पक्ष सुने ही नौकरी रद्द करने का फरमान जारी कर दिया गया। परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी ने कहा कि कल तक हम सचिवालय कर्मी थे, आज सड़क पर खड़े हैं।
छात्रों का धरना-प्रदर्शन आया काम
दरअसल, JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा खोला है। छात्र रांच के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि,JPSC और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने के बाद भी छात्रों ने आंदोलन खत्म नहीं किया है। छात्रों ने कहा कि अभी सीबीआई जांच बाकी है। परीक्षा में धांधली के खिलाफ सीबीआई की जांच भी होनी चाहिए। वहीं, सरकार के फैसले के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर देखने को मिली।
Also read: मुफ्त बिजली से लेकर लैपटॉप तक…विजय सरकार के 100 दिन हुए पूरे; तमिलनाडु के स्पीकर प्रभाकर ने गिनाई TVK की योजनाएं