
मुंबई: अरशद वारसी स्टारडम से धीरे धीरे दूर होते जा रहे है। इन दिनों वह गुड्डू रंगीला, वेलकम टू कराची द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा, जैसी जिन भी फिल्मों में काम कर रहे है। सिने बाजार में उनकी चर्चा कम ही होती है। ऐसा माना जा रहा है कि वह बड़ी फिल्मों को ज्यादा तवज्जो न देने की वजह से उनके हाथ से स्टारडम फिसलता नजर आ रहा है। ताजा मुलाकात में अरषद ने इस बारे में पूरी बेबाकी से अपनी बात रखी। आप मल्टीस्टारर फिल्मों में बहुत वाहवाही पा रहे थे, फिर इनसे मुंह क्यों मोड़ लिया? गोलमाल, डबल धमाल हलचल, ऐसी एक दर्जन फिल्में है, जिनमें काम करके बहुत मजा आया। आज भी मैं ऐसी फिल्में करने के लिए बेताब हूं, पर ऐसा रोल भी तो होना चाहिए। और इसी वजह से मैनैं राजकुमार हिरानी की पीके छोड़ दी थी? मैं ऐसा बिल्कुल भी सोच नहीं सकता। राजू मेरे अच्छे दोस्त है। उनकी फिल्म में मेरे लिए रोल अहम नहीं होता। सच कहूं तो मुझे भी अफसोस है, पीके छोड़ने का पर चूंकि उन दिनों मैं डेढ़ इश्किया की शूटिंग शुरू कर रहा था, इसलिए में चाहते हुए भी पीके में काम नहीं कर सका, पर उनकी मुन्नाभाई सिरीज के लिए जरूर वक्त निकाल रखा है।
कहा जाता है कि आप अपनी ईगो की वजह से कई फिल्में मिस कर देते हैं? यह ईगो तो थोड़ा-बहुत सभी लोगों में होता है, और फिल्मों के सेलेक्शन में मेरा ईगो कभी सामने नहीं आता। फिर भी मैं यह मानता हूं मुझसे फिल्में चुनने में कुछ चूक जरूर हुई। कई ऐसी फिल्में हैं, जो मुझे नहीं करनी चाहिए थीं। इधर नए निर्देशकों को बहुत प्रमोट कर रहे हैं। इस वजह से कई बडे़ निर्देशक आपसे नाराज है? इसे आप एक दिलचस्प संयोग कहिए कि गुड्डू रंगीला, वेलकम टू कराची द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा, जैसी जो भी फिल्में कर रहा हूं, उनके निर्देशक मशहूर नहीं है। अभी हाल में मैंने दो और ऐसी ही नई फिल्में साइन की है, जिनके निर्देशक नए है, यह काफी बड़ी बात थी कि वे मुझे पूरी तैयारी से मिले। खास तौर से एक युवा निर्देशक ने मुझे बहुत प्रभावित किया। इनकी फिल्मों की में जल्द ही घोषणा करूंगा। आरोप है कि आपने अपने व्यवहार से इंडस्ट्री में कई दुश्मन बना लिए हैं? कृपया, उन्हें दुश्मन मत कहिए।
बस वे मेरे विचारों का विरोध करते है। मेरी मुश्किल यह है कि मैं दो टूक कहता हूं, जो कई लोगों को पसंद नहीं आते। मैं बड़े कलाकारों के काम की और उनके प्रति इंडस्ट्री के व्यवहार की खुल कर आलोचना करता हू। मैंने बहुत मेहनत की है। मैं पीछे के दरवाजे से इंडस्ट्री में नहीं आया। डांस की समुचित शिक्षा ली है। डांस के कई अवॉर्ड भी जीते है। डांसिंग स्कूल भी चलाया है। थियेटर काफी किया है। अच्छा जिमनास्ट हू। जाहिर है जो भी हूं, खुद बना हूं। ऐसे में कोई भी मुझे डॉमिनेट करता है, मैं उसका विरोध करता हूं और तब वही व्यक्ति मुझे अपना विरोधी समझने लगता है। आप आगे बढ़ने के लिए प्रचार का कितना सहारा लेते है? उतना ही, जितना जरूरी होता है। वैसे भी मैं पूछने पर सिर्फ अपने काम के बारे में बताता हूं। अब यह बाकी लोगों पर निर्भर करता है कि वे मेरे काम का क्या हिसाब किताब लगाते हैं। मेरी कई फिल्मों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। इसके बावजूद मुझे जरा भी बुरा नहीं लगा। मगर हां, मेरे जैसे छोटे कलाकार के लिए अपने प्रशंसकों को यह बताना अवश्य जरूरी होता है कि मैं क्या कर रहा हूं। आपकी पत्नी मारिया आप पर बहुत नजर रखती हैं?
मारिया मेरी हर महिला दोस्त को जानती है। शादी के इतने साल बाद मैं उसे यह बताने में सफल रहा हूं कि सिर्फ मैं उसका हूं। उसे तो फिल्मों में भी मेरा इंटीमेट सीन करना पसंद नहीं, पर बोलती कुछ नहीं, क्योंकि उसे पता है कि एक्टिंग मेरे जीवन का अटूट हिस्सा है।
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