अश्विन ने कई मामलों में अनिल कुंबले और शेन वार्न को पीछे छोड़ा..

अश्विन ने कई मामलों में अनिल कुंबले और शेन वार्न को पीछे छोड़ा..

नई दिल्‍ली: कानपुर के ग्रीन पार्क मैदान पर रविचंद्रन अश्विन की फिरकी के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज संघर्ष करते हुए नजर आए. मैच से पहले जो उम्मीद की जा रही थी, वही हुआ। टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाजों ने न्‍यूजीलैंड की बैटिंग लाइन को ध्वस्त करते हुए 16 विकेट हासिल किए। अश्विन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इस मैच में 10 विकेट लिए जबकि रवींद्र जडेजा को छह विकेट मिले और भारत ने इस मैच को 197 रन से जीत लिया।

इससे पहले आखिरी बार 1999 में दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर टेस्ट मैच खेला गया था और भारत ने उस मैच को आठ विकेट से जीत लिया था। इस मैच में अश्विन हीरो साबित हुए हैं तो उस मैच में मौजूदा टीम इंडिया के कोच अनिल कुंबले हीरो साबित हुए थे। कुंबले ने दस विकेट हासिल किए थे।

जब अश्विन ने अनिल कुंबले और शेन वार्न  को पीछे छोड़ा

यह पांचवीं बार है जब अश्विन एक मैच में 10 विकेट या उससे ज्यादा विकेट लेने में कामयाब हुए हैं। एक मैच में दस विकेट के मामले में अश्विन का रिकॉर्ड कुंबले से काफी अच्छा है। अश्विन ने 37 मैच खेलते हुए पांच बार एक मैच में दस विकेट लेने का गौरव हासिल किया है, जबकि कुंबले 132 टेस्ट मैचों में आठ बार एक मैच में दस विकेट लेने में कामयाब हुए है।

इस तरह एक बार दस विकेट लेने के लिए कुंबले को 16.5 मैच खेलना पड़ा है जबकि अश्विन ने सिर्फ 7.4 मैच लिए हैं। अगर शेन वार्न की बात की जाए तो उन्‍होंने एक बार दस विकेट लेने के लिए 14.5 मैच लिए है। इस मामले में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन का रिकॉर्ड अश्विन से अच्‍छा है। उन्‍होंने एक बार दस विकेट लेने के लिए करीब छह मैच लिए है।

बोलिंग स्ट्राइक रेट के मामले में अश्विन ने बड़े-बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ा 

अश्विन अब भारत के सबसे शानदार स्पिन गेंदबाज हैं। अगर अश्विन के रिकॉर्ड के ऊपर एक नजर डाली जाए तो दुनिया के कई बड़े गेंदबाज़ों को कुछ मामलों में अश्विन पीछे कर चुके हैं। वह सिर्फ 37 मैच खेलते हुए 68 पारी में 203 विकेट ले चुके हैं। आज तक भारत का कोई स्पिन गेंदबाज़ इतने कम मैच में इतनी शानदार गेंदबाज़ी नहीं कर पाया है।

गेंदबाज़ के रूप में अश्विन का बोलिंग स्ट्राइक रेट काफी शानदार है। दुनिया के कई बड़े-बड़े गेंदबाज़ों से अश्विन आगे निकल गए हैं। 203 विकेट लेने के लिए अश्विन को कुल मिलाकर 10408  गेंदों का सहारा लेना पड़ा है यानी  एक विकेट लेने के लिए अश्विन ने 51 के करीब बॉल ली हैं।

इस मामले में अश्विन ने दुनिया के बड़े-बड़े स्पिन गेंदबाज़ों को भी पीछे कर दिया है। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 800 विकेट लेने वाले श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज शेन वार्न, भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले अनिल कुंबले सब अश्विन के पीछे हैं।

अगर बोलिंग स्ट्राइक रेट की बात की जाए तो मुरलीधरन ने एक विकेट लेने के लिए 55 गेंदों का सहारा लिया है जबकि शेन वार्न ने 57 गेंदों और अनिल कुंबले ने 66 गेंदों का सहारा लिया. भारत के दूसरे गेंदबाज़ जैसे हरभजन सिंह, बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना भी अश्विन से पीछे हैं।

एक पारी में पांच विकेट लेने के मामले में भी रिकॉर्ड अच्छा 

एक पारी में पांच विकेट लेने के मामले में भी अश्विन का प्रदर्शन काफी शानदार है। आश्विन 68 पारी में 19 बार पांच विकेट ले चुके हैं यानी एक बार एक पारी में पांच विकेट लेने के लिए अश्विन ने 3.57  मैचों का सहारा लिया है। शेन वार्न ने 237 पारियों में 37 बार पांच विकेट लिए हैं यानि वार्न को एक बार पांच विकेट लेने के लिए 7.37 मैचों का सहारा लेना पड़ा है।

अनिल कुंबले भी अश्विन से पीछे हैं. कुंबले ने अपनी 236 पारी में 35 बार एक पारी में पांच विकेट लिए है,  इसी तरह कुंबले को एक बार एक पारी में पांच विकेट लेने के लिए 6.74 मैच खेलने पड़े हैं। 

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