
रोहतक : रियो ओलिंपिक में साक्षी मलिक के पदक जीतने के साथ ही प्रदेश की माटी से और ओलिंपियन तैयार करने के लिए अब खेल विभाग ने नया खाका तैयार कर लिया है। सरकार के स्वर्ण जयंती वर्ष में अब हर जिले में वहां प्रचलित खेल के अनुसार स्वर्ण जयंती सेंट्रो स्पाेर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर खोले जाएंगे।
पांच करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इन सेंटर में उसी गेम की अत्याधुनिक तकनीक और कोचिंग दी जाएगी ताकि जिलास्तर पर ही उस गेम के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। खेल निदेशक जगदीप सिंह श्योराण ने शुक्रवार को ओलिंपियन साक्षी मलिक के घर विशेष बातचीत में बताया कि इन सेंटर में फोकस प्रैक्टिस करवाने से यकीनन मेडल की संख्या बढ़ेगी।
खेल निदेशक ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष में सरकार की अोर से खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए अरबों रुपए के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। खेल विभाग प्रत्येक जिले में स्पोर्ट्स मैपिंग के आधार पर पांच करोड़ की लागत से सेंट्रो स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर खोलेगा। मसलन रोहतक जिला यदि कुश्ती के लिए जाना जाता है तो वहां पर खोले जाने वाले सेंटर में अत्याधुनिक सुविधाएं देकर भविष्य के पहलवान तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा प्रत्येक जिले में तीन करोड़ रुपए की लागत से यूथ डेवलपमेंट फैसिलिटेशन सेंटर खोले जाएंगे, जिसमें हाईटेक सुविधाओं संग जिला खेल अधिकारी का कार्यालय भी संचालित किया जाएगा। वहीं, प्रत्येक जिले में 25 करोड़ रुपए से मल्टीपर्पज इंडोर स्टेडियम भी बनेंगे। पहले चरण में 10 जिलों का चयन होगा।
साक्षी के गांव में बनेगा साढ़े तीन एकड़ में स्टेडियम
साक्षी के गांव मोखरा में खेल स्टेडियम नहीं होने की बेटियों की गुहार भी खेल विभाग तक पहुंच गई है। खेल निदेशक ने बताया कि साक्षी के गांव से और खिलाड़ी तैयार करने के लिए यहां स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। गांव के सरपंच ने साढ़े तीन एकड़ जमीन देने की पहल की है। सरपंच से जमीन मिलते ही खेल विभाग की ओर से गांव में स्टेडियम निर्माण करने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। वहीं साक्षी के कोच ईश्वर सिंह दहिया ने बताया कि गांव में मेधावी खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन प्रोत्साहन न मिलने से गांव से निकलने वाली प्रतिभा दबती जा रही है।
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