
रियो ओलंपिक में जिम्नास्ट दीपा करमाकर महिलाओं की वाल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक से करीब से चूककर चौथे स्थान पर रही।
वहीं भारत के निराशाजनक दिन में शटलर साइना नेहवाल, पुरूष हॉकी टीम और सानिया मिर्जा-रोहन बोपन्ना की टेनिस जोड़ी ओलंपिक खेलों से बाहर हो गयी।
त्रिपुरा की दीपा भारत के निराशाजनक अभियान में कुछ चमकदार एथलीटों में से एक रहीं, वह आठ महिलाओं के वाल्ट फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर 15.066 अंक से पदक से महज 0.15 अंक से चूक गयी। स्विट्जरलैंड की गियूलिया स्टेनग्रबर ने 15.216 अंक से कांस्य पदक अपने नाम किया। अमेरिका की साइमन बाइल्स ने 15.966 अंक से स्वर्ण और रूस की मारिया पासेका ने 15.253 अंक से रजत पदक हासिल किया।
भारतीय ओलंपिक दल को बड़ा झटका लगा जब पदक की दावेदार साइना महिला एकल के ग्रुप जी के अपने दूसरे मैच में अपने से कम रैंकिंग वाली उक्रेन की मारिया उलीटीना के खिलाफ सीधे गेम में शिकस्त के साथ बाहर हो गयी।
साइना के घुटने में चोट थी। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी साइना को पेवेलियन चार रियोसेंटर में 39 मिनट चले मुकाबले में दुनिया की 61वें नंबर की खिलाड़ी के खिलाफ 18-21 19-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
लेकिन इस निराशाजनक दिन में थोड़ी सी आशा दुनिया के पूर्व नंबर तीन खिलाड़ी श्रीकांत और पीवी सिंधू ने दिलायी। श्रीकांत ने 32 मिनट चले ग्रुप एच के अपने दूसरे मैच में स्वीडन के हेनरी हुर्साकेइनेन को 21-6 21-18 से हराया। सिंधू महिला एकल के ग्रुप एम के मैच में 72 मिनट चले मुकाबले में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की चैम्पियन ली मिशेल को 19-21 21-15 21-17 से हराने में सफल रहीं।
भारतीय दल के लिये और निराशा सानिया-बोपन्ना की जोड़ी से मिली, जिन्हें मिश्रित युगल स्पर्धा के कांस्य पदक के प्ले आफ मैच में चेक गणराज्य के रादेक स्टेपानेक और लुसी हरादसेका से हार का मुंह देखना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने लगातार दो जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीदें बढ़ा दी थी लेकिन उन्हें एक घंटे 13 मिनट में 1-6 6-7 से पराजय मिली।
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