
अमेरिकी कोच रेंडल टर्नर इस भारतीय अतानु की तारीफ करते नहीं थक रहे। वह कहते हैं, दुनिया भर के तीरंदाजों के साथ भारतीय तीरंदाजों को बेहद नजदीक से देखते रहे हैं।
भारतीय लड़कियों के साथ अतानु भी बेहद उम्दा किस्म के तीरंदाज हैं। उनकी तकनीक सॉलिड है और दबाव भरे माहौल में भी अपना संयम बनाए रखना जानता है और यह उनकी बहुत बड़ी ताकत है.उन्होंने एक दिन पहले भी अभ्यास के दौरान अतानु के बारे में कहा था कि वह मैच के दौरान कोरियाई खिलाड़ी को जरूर दबाव में डालेंगे।
वहीं भारतीय कोच धर्मेंद तिवारी कहते हैं कि भारत भले ही पदकों से चूक गया हो, लेकिन यह वक्त धैर्य रखने का है वर्ना आगे नुकसान हो सकता है। वह कहते हैं कि इस हार से खिलाड़ियों और फैन्स सबको मायूसी हुई है, लेकिन अगर अभी से ही टीम को आगे सवारने और बेंच को मजबूत करने की नीति से भटके तो आगे भारतीय तिरंदाजी को नुकसान हो सकता है।
उनका मानना है कि अतानु जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के प्रदर्शन को सकारात्मक तौर लें, तो आगे तैयारी करने में मदद मिलेगी।

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