
हरदीप ने रविवार को एशियाई ओलंपिक क्वालीफिकेशन चैंपियनशिप के आखिरी दिन 98 किग्रा में फाइनल में पहुंचकर भारत को ग्रीको रोमन कुश्ती में ओलंपिक कोटा दिलाया। भारतीयों को ग्रीको रोमन में मजबूत दावेदार नहीं माना जाता है। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि हरदीप 2004 के बाद पहले भारतीय पहलवान हैं जिन्होंने इस शैली में ओलंपिक में जगह बनाई। इससे पहले 2004 एथेंस ओलंपिक में मौसम खत्री क्वालीफाई करने में सफल रहे थे। असल में हैवीवेट वर्ग में पहली बार किसी भारतीय ने ग्रीको रोमन पहलवान ने खेलों में अपनी जगह सुनिश्चित की। हरदीप ने फाइनल में पहुंचकर रियो खेलों के लिए क्वालीफाई किया। प्रत्येक भार वर्ग में शीर्ष पर रहने वाले दोनों पहलवानों को ओलंपिक कोटा मिलता है।
फाइनल तक हरदीप ने अपने हर प्रतिद्वंद्वी को आसानी से हराया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अर्सलान सपारमामेदोव को 11-0 से हराया और फिर सेमीफाइनल में कजाखस्तान के मर्गुलान असेमबेकोव को 11-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनका सामना चीन के दी झियाओ से होगा। इस बीच अन्य भारतीयों में विनेश फोगाट (महिला 48 किग्रा), अनिता (महिला 63 किग्रा), सोमवीर (पुरुष 86 किग्रा फ्रीस्टाइल), हितेंदर (पुरुष 125 किग्रा फ्रीस्टाइल) और रविंदर (ग्रीको रोमन 66 किग्रा) ओलंपिक टिकट हासिल करने में नाकाम रहे।
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