
टर्निंग विकेट पर न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि टी20 क्रिकेट विश्व कप के पहले ही मैच में मिली हार के लिये कीवी गेंदबाज नहीं बल्कि उनके बल्लेबाज दोषी है हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि टीम टूर्नामेंट में वापसी करेगी। जीत के लिये 127 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम सिर्फ 79 रन पर आउट हो गई जो न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों में उसकी 5वीं हार है। यह भारत का दूसरा न्यूनतम टी20 स्कोर था। धोनी ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे लगता है कि उनके गेंदबाजों से ज्यादा हमारे बल्लेबाज इसके लिए कसूरवार हैं। न्यूजीलैंड ने हालांकि अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस हार को भुलाकर भारतीय टीम कोलकाता में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मजबूती से वापसी करेगी। उन्होंने कहा, यदि हम यहां जीत नहीं सके तो आगे सभी को योगदान देकर जीत की राह पर लौटना होगा। हम पहले भी ऐसा कर चुके हैं और आगे भी करेंगे। धोनी ने अपने गेंदबाजों की तारीफ की जिन्होंने न्यूजीलैंड को कम स्कोर पर रोका। उन्होंने हालांकि कहा कि टर्निंग विकेट पर रन बनाना काफी मुश्किल था।
उन्होंने कहा, हमें पता था कि पिच धीमी है और गेंदबाजों ने उन्हें कम स्कोर पर रोककर अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। मुझे लगा था कि इस विकेट पर 140 अच्छा स्कोर होगा। बल्लेबाजों ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हमारे विकेट लगातार गिरते रहे और कोई साझेदारी नहीं बन सकी। धोनी ने कहा, स्पिनरों की मददगार विकेट पर रन बनाना काफी कठिन होता है लेकिन यह अच्छी स्पोर्टिंग विकेट थी। उन्होंने कहा कि हालिया नतीजों से उनकी यह राय मजबूत हो गई है कि भारत में टर्निंग विकेटों पर बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा, आपको आंकड़ों में देखना होगा। शुरुआती दिनों में जब मैं खेलता था तब श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन भी गेंदबाजी कर रहे हों तो गेंद इतनी टर्न नहीं लेती थी। आंकड़ें भले ही कहें कि बल्लेबाजों ने शतक बनाये हैं लेकिन भारत में पिछले कुछ मैचों में हमें इतनी कठिन पिचें मिली है कि 40 रन का स्कोर भी अच्छा कहा जा सकता है। उन्होंने हालांकि इस बात से सहमति नहीं जताई कि हार्दिक पंड्या की जगह पवन नेगी को उतारना चाहिये था।
धोनी ने कहा, युवराज ने एक भी ओवर नहीं फेंका। जब हमारे पास बायें हाथ के स्पिनरों के ओवर थे तब उनके खब्बू बल्लेबाज क्रीज पर थे। यदि हार्दिक टीम में था तो आपके पास अतिरिक्त तेज गेंदबाज का विकल्प था। यह पूछने पर कि क्या यह अच्छी खतरे की घंटी थी, उन्होंने कहा, यह सभी के लिये अच्छा होगा लेकिन अगर हार का अंतर कम होता तो बेहतर होता। यह पूछने पर कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच करो या मरो का होने से क्या अब दबाव बढेगा, धोनी ने कहा कि पहले मैच में हार के बाद अब उनके लिये हर मैच करो या मरो का है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद दो मैच और है और भारत में ऐसा कोई मैच नहीं होता जिसमें हम पर दबाव नहीं हो।
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