टी-20 विश्व कप: पहले मैच में न्यूजीलैंड को चुनौती देगी टीम इंडिया

टी-20 विश्व कप: पहले मैच में न्यूजीलैंड को चुनौती देगी टीम इंडिया

शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम टी-20 विश्व कप की प्रबल दावेदार है, लेकिन टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मंगलवार को उसका सामना आत्मविश्वास से लबरेज न्यूजीलैंड से होगा। पिछले पांच बार में किसी मेजबान देश ने टी-20 विश्व खिताब नहीं जीता है और दूसरी बार तो कोई विजयी नहीं रहा है। महेंद्र सिंह धौनी की अगुवाई वाली भारतीय टीम हालांकि काफी संतुलित है और अपनी सरजमीं पर खेल रही है, लिहाजा इतिहास रच सकती है। मौजूदा टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज 2007 की चैंपियन भारतीय टीम ग्रुप टू के सुपर 10 मुकाबले में न्यूजीलैंड से खेलेगी। हालांकि धौनी कह चुके हैं कि वे मैच दर मैच प्लानिंग करेंगे और अभी से खिताब के बारे में नहीं सोच रहे। भारतीय टीम फॉर्म में है और उसके बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। भारत का अगला मुकाबला 19 मार्च को पाकिस्तान से है. भारत जीत दर्ज कर पाकिस्तान के खिलाफ मनोवैज्ञानिक बढ़त लेकर मैदान में उतरना चाहेगा। 01 बार टी-20 विश्व कप में आमने-सामने हुई हैं भारत और न्यूजीलैंड की टीमें। भारत को 10 रनों से हार मिली थी। न्यूजीलैंड ने 190 रन बनाये थे। 09 वर्षों के बाद टी-20 वर्ल्ड कप में भिड़ेंगी दोनों टीमें। इसके पहले 16 सितंबर, 2007 को विश्व कप टी-20 में खेले थे मैच। भारतीय टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में टी-20 श्रृंखला में मात दी थी। उसके बाद अपने घर में श्रीलंका को हराया था। टीम ने पहली बार टी-20 फार्मेट में खेले गए एशिया कप में भी शानदार जीत हासिल की थी। 

विश्व कप के दो अभ्यास मैचों में से एक में भारतीय टीम को जीत मिली थी। जिसमें उसने वेस्टइंडीज को 45 रनों से मात दी थी। दूसरे अभ्यास मैच में हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार रनों से हार झेलनी पड़ी थी। लेकिन भारतीय टीम के लिए यह मैच अपनी तैयारी को परखने के लिहाज से काफी अहम साबित हुआ। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने अपने पहले अभ्यास मैच में श्रीलंका को 74 रनों से मात दी थी लेकिन दूसरे मैच में उसे इंग्लैड के हाथों छह विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। 2007 में शुरू हुए टी-20 विश्व कप की विजेता भारतीय टीम को बेशक अपने घर में खेलने का फायदा मिलेगा। वहीं, कीवी टीम के लिए भारतीय हालात से सामंजस्य बिठाने की चुनौती होगी। टीम अपने स्टार बल्लेबाज और कप्तान ब्रेंडन मैक्लम के संन्यास के बाद पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। उनकी कमी टीम को जरूर महसूस होगी।

भारतीय टीम इस समय हर विभाग में मजबूत दिख रही है। रोहित शर्मा पिछले कुछ महीनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। वह अपने दिन किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में शिखर धवन के बल्ले से भी रन बरसे थे जिससे कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने राहत की सांस ली होगी। विराट कोहली हर संकट की घड़ी में टीम को बाहर निकाल के लाए है। उनका फॉर्म में होना दूसरी टीमों के लिए चिंता का विषय है। विश्व कप से पहले एशिया कप में और दोनों अभ्यास मैचों में युवराज सिंह ने अपने पुराने अंदाज का परिचय देकर टीम को मजबूती दी है। धोनी भी अंतिम ओवरों में रन जुटाने में कामयाब रहे है। हार्दिक पांड्या के आने से टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में स्थिरता प्राप्त हुई है। वह एशिया कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे थे। बल्ले से उन्होंने टीम को कभी भी निराश नहीं किया।

एक समय टीम की सबसे बड़ी समस्या रही गेंदबाजी में अनुभवी आशीष नेहरा और रविचन्द्रन अश्विन ने टीम को इस समस्या से छुटकारा दिलाया है। युवा जसप्रीत बुमराह ने टीम की अंतिम ओवरों की समस्या भी खत्म कर दी है। टीम गेंदबाजी में पहले से ज्यादा मजबूत है। मोहम्मद समी के आने से धोनी के पास गेंदबाजी में विकल्प बढ़ गए है। न्यूजीलैंड की कमान केन विलियमसन के हाथों में है। विलियमसन के कंधों पर कप्तानी के साथ-साथ टीम की बल्लेबाजी का भार भी होगा। इसमें मार्टिन गुपटिल और रॉस टेलर उनकी जिम्मेदारी साझा करेंगे। गेंदबाजी में टिम साउदी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। विलियमसन के लिए चिंता का विषय भारतीय हालात के हिसाब की गेंदबाजी करने की समस्या हो सकती है। भारत में स्पिन और धीमी गति के गेंदबाजों को सफलता मिलने की ज्यादा संभवाना है। ऐसे में ऑफ स्पिनर नाथन मैक्लम से विलियमसन को बहुत ज्यादा उम्मीदें होंगी। भारत 2007 में जीतने के बाद दोबारा खिताब नहीं जीत पाया है। उसे 2014 में पिछले विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। यह दूसरा मौका था जब भारत सेमीफाइनल में पहुंचा था। वहीं, न्यजीलैंड महज एक बार ही टी-20 विश्व कप के सेमीफानल में पहुंचा है। 2007 में वह इकलौती बार सेमीफाइनल में पहुंचा था जहां पाकिस्तान ने उसे शिकस्त दी थी।

 

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