
पाकिस्तान की विश्व टी-20 चैंपियनशिप में भागीदारी को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को भारत में स्थिति का जायजा लेने के लिए सुरक्षा दल भेजने का फैसला किया जिससे गतिरोध के शीघ्र समाधान में आगे भी देरी होगी। पाकिस्तान सरकार ने आठ मार्च से तीन अप्रैल के बीच होने वाले टूर्नामेंट के लिए अपनी टीम को भाग लेने की अनुमति दे दी थी लेकिन अब वह अपने सुरक्षा दल के रिपोर्ट सौंपने के बाद ही इस दौरे पर अंतिम फैसला करेगा।
सुरक्षा दल भेजने का फैसला इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ वहां के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान की बैठक के बाद किया गया। उन्होंने बीसीसीआई के फुलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराने के आश्वासन को भी नजरअंदाज कर दिया। प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने पाकिस्तानी टीम को दी जाने वाली सुरक्षा का जायजा लेने के लिए भारत में सुरक्षा दल भेजने के निर्देश दिए है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के समन्वय से भारत में क्रिकेट टीम के लिए फुलप्रूफ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीसीसीआई ने अपनी तरफ से पाकिस्तान को फुलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। पाकिस्तान ने गुरुवार को सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट से हटने की धमकी दी थी जिसके बाद बीसीसीआई का यह बयान आया।
बोर्ड के सीनियर अधिकारी राजीव शुक्ला ने कहा कि जहां तक बीसीसीआई का सवाल है, पाकिस्तान को फुलप्रूफ सुरक्षा दी जाएगी। उन्हें सुरक्षा इंतजामात को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब फैसला पीसीबी को लेना है कि वे आना चाहते हैं या नहीं। वे आईसीसी के प्रति जवाबदेह हैं। पीसीबी को इस मसले पर फैसला लेना है लेकिन हम उनके खिलाड़ियों को फुलप्रूफ सुरक्षा देंगे।
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