
130th Constitutional Amendment Bill: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक को पेश करते हुए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजने की सिफारिश की। इसके बाद इसे जेपीसी में भेज दिया गया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जेपीसी के गठन को लेकर बड़ी घोषणा है। टीएमसी की ओर से कहा गया है कि पार्टी 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर जेपीसी में किसी सदस्य को नामित नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने समिति को तमाशा कहा।
अंतिम फैसला लेते हैं स्पीकर
ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सांसद होंगे। कमेटी को आगामी शीतकालीन सत्र के पहले अपनी रिपोर्ट देनी होगी। जेपीसी अपनी रिपोर्ट स्पीकर के सामने पेश करती है और अंतिम फैसला स्पीकर ही लेते हैं। सरकार को अगर लगता है कि जेपीसी की रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है तो वो उसे रोक भी सकती है।
इस्तीफा न देने पर क्या होगा?
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। इस विधेयक में कहा गया है कि किसी भी मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जेल जाने के बाद अगर वह 30 दिन तक कैद में रहते हैं, तो उन्हें खुद इस्तीफा देना होगा। वहीं, इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में 31वें दिन उसका पद खाली माना जाएगा। ऐसे आरोप जिसमें कम से कम पांच साल की सजा का प्रविधान है उसमें लगातार 30 दिन जेल रहने पर कार्रवाई की जाएगी।
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