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सऊदी सरकार की नई डिजिटल पहल....अब बिना Nusuk Card के हज यात्रा नामुमकिन, जानें क्यों है ये जरूरी

सऊदी सरकार की नई डिजिटल पहल....अब बिना Nusuk Card के हज यात्रा नामुमकिन, जानें क्यों है ये जरूरी

Nusuk Card For Hajj Pilgrimage: सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। सऊदी सरकार ने हज सीजन के लिए नुसुक कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके बिना तीर्थयात्रियों को पवित्र स्थलों तक पहुंच नहीं मिलेगी। बता दें, यह कार्ड न केवल पहचान पत्र के रूप में काम करता है, बल्कि यात्रा के दौरान विभिन्न सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है।

क्या है नुसुक कार्ड?

नुसुक कार्ड सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक डिजिटल पहचान पत्र है। यह एक स्मार्ट कार्ड है जो तीर्थयात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी, निवास स्थान, संपर्क विवरण, चिकित्सा इतिहास और सेवा प्रदाता की डिटेल्स को संग्रहीत करता है। घरेलू तीर्थयात्रियों के लिए यह मोबाइल डिवाइस पर डिजिटल रूप में उपलब्ध है, जबकि अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों को सऊदी अरब पहुंचने पर प्रिंटेड संस्करण प्रदान किया जाता है। दरअसल, यह कार्ड उच्च सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया जाता है, ताकि इसकी नकल न की जा सके।

इस कार्ड का मुख्य उद्देश्य हज यात्रा को आधुनिक बनाना, अनधिकृत प्रवेश को रोकना और लाखों तीर्थयात्रियों की भीड़ को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना है। यह परिवहन सेवाओं जैसे शटल और बसों तक त्वरित पहुंच प्रदान करता है, आवास और मार्गों की जानकारी देता है तथा ईंधन भराई जैसी सुविधाओं को आसान बनाता है। इसके अलावा यह तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को रखता है और खो जाने की स्थिति में मार्गदर्शन प्रदान करता है।

कैसे प्राप्त करें नुसुक कार्ड?

अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों को सऊदी अरब पहुंचने पर हवाई अड्डे या प्रवेश बिंदु पर यह कार्ड जारी किया जाता है। घरेलू तीर्थयात्रियों को हज सीजन शुरू होने से पहले सेवा कंपनियों से प्राप्त करना होता है। हज पैकेज बुक करने वाले सभी तीर्थयात्रियों को नुसुक हज प्लेटफॉर्म के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है, और कार्ड उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब तक 1.5लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं और वीजा तथा परमिट जारी होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए हज कमिटी ऑफ इंडिया जैसे संगठनों से संबंधित निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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