US-Israel Attacks Iran: ईरान की तेल रिफाइनरी और डिपो पर बड़ा वार, US-इजरायल की बमबारी से दहला तेहरान

US-Israel Attacks Iran: ईरान की तेल रिफाइनरी और डिपो पर बड़ा वार, US-इजरायल की बमबारी से दहला तेहरान

US-Israel Airstrikes on Iran's Oil Refinery: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने आज 9वें दिन में और तीव्रता पकड़ ली है। तेहरान और आसपास के इलाकों में अमेरिका-इजरायल की संयुक्त वायुसेना ने ईरान की प्रमुख तेल भंडारण सुविधाओं (ऑयल डिपो) और रिफाइनरियों पर पहली बार बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे राजधानी में भीषण आग और विस्फोटों की लपटें उठीं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 20नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हुए हैं। ये हमले ईरान की अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति की 'लाइफलाइन' को निशाना बनाने वाले बताए जा रहे हैं।

इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने पुष्टि की कि शनिवार रात और रविवार सुबह के हमलों में तेहरान के पश्चिमी हिस्सों में शाहरान, कौहाक और करज शहर के फ्यूल स्टोरेज कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल और बमबारी की गई। ईरानी तेल मंत्रालय ने बताया कि तेहरान और अल्बोर्ज प्रांतों में तीन प्रमुख ऑयल डिपो प्रभावित हुए, जहां आग लगने से काला धुआं आसमान में छा गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शहर के क्षितिज पर लपटें और धुएं के गुबार दिख रहे हैं, जो दहशत का माहौल बता रहे हैं। तेहरान रिफाइनरी के पास एक डिपो पर भी हमला हुआ, हालांकि रिफाइनरी सुविधाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हुईं।

ईरान के खिलाफ US-इजरायल का संयुक्त अभियान

मालूम हो कि ये हमले 28फरवरी 2026से शुरू हुए संयुक्त अभियान का विस्तार हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, न्यूक्लियर सुविधाओं और सैन्य क्षमता को नष्ट करना है। अब तक के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे जा चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान से 'अनकंडीशनल सरेंडर' की मांग की है और कहा है कि हमले और तेज होंगे। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ये हमले ईरानी सरकार को अस्थिर करने और बदलाव लाने के लिए हैं, तथा आने वाले दिनों में 'कई सरप्राइज' होंगे।

ईरान का इजरायल पर हमला

प्रतिक्रिया में ईरान ने इजरायल के हाइफा रिफाइनरी और गल्फ देशों की तेल सुविधाओं पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत में ईरानी हमलों की रिपोर्ट आई है, जिसमें अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमला हुआ। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी है, लेकिन IRGC ने बदले की कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।

युद्ध शुरू होने के एक सप्ताह में ईरान में कम से कम 1,300 से ज्यादा मौतें रिपोर्ट हुई हैं, जबकि क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रभावित होने से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि युद्ध क्षेत्रीय स्तर पर फैल सकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, कोई नया अपडेट आने पर सूचना दी जाएगी।

 

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