ईरान में तबाही का नया दौर...हर तरफ बिखरा मलबा, स्टील प्लांट-ब्रिज-अस्पताल को भारी नुकसान

ईरान में तबाही का नया दौर...हर तरफ बिखरा मलबा, स्टील प्लांट-ब्रिज-अस्पताल को भारी नुकसान

Iran Steel Plant-Bridge-Hospital Damage: अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के खिलाफ जंग को एक नए चरण में ले लिया है। अब निशाने पर सैन्य ठिकानों के अलावा औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टील प्लांट, ब्रिज और मेडिकल सुविधाएं आ गई हैं। पिछले कुछ दिनों में ईरान के दो सबसे बड़े स्टील प्लांट लगभग ठप हो गए हैं, जबकि तेहरान के पास एक प्रमुख ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही कई अस्पतालों, मेडिकल लैब और फार्मास्यूटिकल फैसिलिटी में तबाही हुई है। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में इन हमलों की तस्वीरें और सैटेलाइट इमेजेस सामने आई हैं, जो व्यापक विनाश को दर्शाती हैं।

ईरान के स्टील प्लांट कंपनी पर हमला

ईरान के सबसे बड़े स्टील उत्पादक मोबारकेह स्टील कंपनी पर इस्फहान में कई दौर के हमले हुए। कंपनी ने स्वीकार किया कि भारी हमलों के कारण उसकी प्रोडक्शन लाइनें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसी तरह दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज (खुजेस्तान) में खुजेस्तान स्टील कंपनी भी प्रभावित हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टोरेज फैसिलिटी, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्शन यूनिट्स को नुकसान पहुंचा है, जिससे ईरान की स्टील प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट क्षमता पर बड़ा असर पड़ेगा। कुछ रिपोर्ट्स में तीसरे स्टील प्लांट (सेफीदाश्त या अन्य) पर भी हमले की बात कही गई है। ये प्लांट ईरान की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

तेहरान-कराज को जोड़ने वाले पुल पर हमला

इसके अलावा तेहरान के पास कराज (Karaj) में B1ब्रिज (तेहरान-कराज को जोड़ने वाला प्रमुख पुल) को दो बार निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में 8नागरिकों की मौत हुई और 95लोग घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस हमले की तस्वीर शेयर की और इसे 'ईरान का सबसे बड़ा ब्रिज' बताया, जो अब दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। पुल के आसपास धुआं और मलबा दिखने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

मेडिकल सप्लाई प्रभावित

मेडिकल क्षेत्र पर भी असर पड़ा है। तेहरान में तोफिग दारू जैसी प्रमुख फार्मास्यूटिकल कंपनी की प्रोडक्शन यूनिट और रिसर्च डिपार्टमेंट पूरी तरह ध्वस्त हो गए। यह कंपनी अस्पतालों के लिए जरूरी दवाओं, एनेस्थीसिया और कुछ एंटी-कैंसर दवाओं का कच्चा माल तैयार करती थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने इसे राष्ट्रीय मेडिकल सप्लाई चेन पर “गंभीर झटका” बताया। इसके अलावा कई अस्पताल और मेडिकल सेंटर क्षतिग्रस्त हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले ही ईरान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर दर्जनों हमलों की पुष्टि की थी। 

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