
India-EU Trade Deal:27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक अहम व्यापार समझौते पर मुहर लग गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस समझौते की घोषणा की। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़कर वैश्विक व्यापार को नई दिशा देगा।
बता दें, भारत और EU के बीच FTA पर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन किसी कारण की वजह से 2013 में रुक गई। इसके बाद 2022 में एक बार फिर से बातचीच शुरू हुई, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस समझौते के तहत टैरिफ में कटौती की जाएगी। EU के 97% निर्यातों पर टैरिफ खत्म या कम, भारत के 99.5% सामानों पर रियायतें। विशेष रियायतें: कारों पर टैरिफ 40% तक कम, वाइन पर 150% से 20% तक कमी। लाभ: व्यापार बढ़ेगा (वर्तमान में 136 अरब डॉलर), निवेश बढ़ेगा, नौकरियां पैदा होंगी, सप्लाई चेन मजबूत होंगी।
PM मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। उन्होंने जोर देकर कहा 'यह समझौता न केवल व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि निवेश को भी बढ़ावा देगा। साथ ही, नवाचार की साझेदारी को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत बनाएगा। यह साझा समृद्धि का एक खाका है।' उन्होंने कोस्टा को 'लिस्बन का गांधी' और वॉन डेर लेयेन को जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री के रूप में सराहा।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने क्या कहा?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने उत्साह से कहा 'हमने सभी समझौतों की मां को जन्म दिया है। यूरोप और भारत आज इतिहास रच रहे हैं। हमने दो अरब लोगों की मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है, जहां दोनों पक्ष को कई बड़े फायदे होंगे। यह सिर्फ शुरुआत है, हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।' उन्होंने पीएम मोदी से कहा 'प्रधानमंत्री जी, हमने यह कर दिखाया।' वॉन डेर लेयेन ने समझौते को वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच साझेदारी का उदाहरण बताया और कहा कि इससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी।
एंटोनियो कोस्टा ने क्या कहा?
एंटोनियो कोस्टा ने कहा 'आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। हम दो अरब लोगों का बाजार बना रहे हैं।' उन्होंने आगे बताया कि वे ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) हैं और उनके परिवार की जड़ें गोवा में हैं, जिससे भारत-EU संबंध उनके लिए व्यक्तिगत महत्व रखते हैं। कोस्टा ने कहा कि यह समझौता वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करेगा और आर्थिक विकास का स्रोत बनेगा।
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