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सच लिखने की सजा मौत? दुनिया भर में 128 पत्रकारों की गई जान, जानें फिलीस्तीन से भारत तक के आंकड़े

सच लिखने की सजा मौत? दुनिया भर में 128 पत्रकारों की गई जान, जानें फिलीस्तीन से भारत तक के आंकड़े

Journalists deaths 2025:साल 2025 पत्रकारिता और पत्रकारों के लिए बहुत बुरा रहा। अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ (International Federation of Journalists - IFJ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पूरे साल में दुनिया भर में 128 पत्रकार और मीडिया कार्यकर्ता मारे गए। रिपोर्ट की मानें तो सबसे ज्यादा पत्रकारों की मौत मध्य पूर्व और अरब दुनिया में हुई। सबसे ज्यादा मौतें फिलीस्तीन में हुई हैं, जहां गाजा युद्ध के दौरान रिपोर्टिंग करते हुए 56 पत्रकारोम की जान गई। यह आंकड़ा 2024 से अधिक है और वैश्विक स्तर पर प्रेस स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।

फिलिस्तीन में सबसे ज्यादा मौतें

अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ की रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे ज्यादा मौतें फिलिस्तीन मुख्य रूप से गाजा पट्टी में दर्ज की गईं, जहां 56 मीडिया पत्रकारों की जान गई। इजरायल-हमास युद्ध के जारी संघर्ष के कारण यह क्षेत्र पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक बन गया। इन्हीं पत्रकारों में अल जजीरा के रिपोर्टर अनास अल-शरीफ भी शामिल थे। वह गाजा शहर के अल शिफा अस्पताल के बाहर पत्रकारों के टेंट में थे, जहां उनके साथ 5 अन्य पत्रकारों और मीडिया कार्यकर्ताओं की जान गई। IFJ ने इसे 'मैकैबर रिकॉर्ड' बताया है, जहां मध्य पूर्व और अरब दुनिया में कुल 74 मौतें हुईं, जो वैश्विक कुल का 58% है।

भारत में 4 पत्रकारों की मौत

भारत में 2025 में 4 पत्रकार अपनी रिपोर्टिंग के दौरान या किसी कारणवश मारे गए। IFJ और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मौतें मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार, सामाजिक मुद्दों या राजनीतिक दबाव से जुड़ी जांच-पड़ताल के कारण हुईं। भारत लंबे समय से पत्रकारों के लिए खतरनाक देशों में शुमार है, जहां औसतन हर साल 2-3 पत्रकार काम के सिलसिले में अपनी जान गंवाते हैं।

इसके अलावा दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश यमन है, जहां 13 पत्रकारों की मौत हुई। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूक्रेन में 8 मौतें, सूडान गृहयुद्ध में मीडिया को निशाना बनाते हुए 6 मौतें, पेरू में 4 मौतें फिलीपींस, मेक्सिको, पाकिस्तान में 3-3 मौतें दर्ज की गई हैं। IFJ की रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 128 में से 9 मौतें दुर्घटनावश हुईं, जबकि बाकी ज्यादातर युद्ध, संगठित अपराध या लक्षित हमलों से जुड़ी थीं। 

FJ के महासचिव ने क्या कह?

FJ के महासचिव एंथनी बेलांगर ने कहा 'यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे सहयोगियों के लिए ग्लोबल रेड अलर्ट है।' संगठन ने सरकारों से अपील की है कि वे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, हत्यारों को सजा दिलाएं और अराजकता को खत्म करें। दुनिया भर में 533 पत्रकार जेल में हैं, जिसमें चीन सबसे ऊपर (143) है।

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