
Mehul Choksi can roam freely around the world: मेहुल चोकसी...जिन्हें भारत में भगोड़े के नाम से पहचाना जाता है क्योंकि मेहुल चोकसी पीएनबी बैंक को करोड़ों रूपये का चूना लगाकर देश से बाहर भाग गया था और किसी देश में जाकर छुप गया था, लेकिन अब मेहूल चोकसी दुनिया भर में खूले आम घूम सकता है। बता दें कि इंटरपोल ने उसको लेकर जो रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, उसे वापस ले लिया गया है।
अब दुनिया में घूम सकता है मेहुल
दरअसल मेहुल चोकसी के ऊपर पिछले साल (2022) में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, उसे भगोड़े ने चुनौती दी थी। उस फैसले की समीक्षा की मांग की थी। उसी मांग पर सुनवाई करते हुए इंटरपोल ने कहा है कि भारत लौटने पर मेहुल चोकसी को शायद फेयर ट्रायल ना मिले। मेहुल चोकसी ने इंटरपोल के सामने दावा किया था कि उसे 2021 में भारतीय एजेंसियों ने ही किडनैप किया था। उनकी तरफ से उसे डोमिनिका ले गए थे, वहां से भारत ले जाने की तैयारी थी। उसके इसी तर्क को समझते हुए इंटरपोल ने उसे ये बड़ी राहत दी है।
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस किसी देश से भागे हुए ऐसे शख्स को ढूंढने के लिए जारी किया जाता है, जिसके ऊपर कोई आपराधिक मामला दर्ज हो। रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी का वारंट नहीं होता है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति दोषी ही है। ये दुनियाभर के देशों को उस शख्स के अपराध की जानकारी देता है। रेड कार्नर नोटिस के जरिए पकड़े गए आरोपी को उस देश में भेज दिया जाता है जहां उसने अपराध किया होता है। रेड नोटिस तभी जारी किया जा सकता है जब कानून की नजर में वह अपराध गंभीर हो।
Leave a comment