
Iran Military Power: 28फरवरी 2026को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे। ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत सैकड़ों मिसाइल और एयर स्ट्राइक्स में ईरान के मिसाइल लॉन्चर, प्रोडक्शन प्लांट और कमांड सेंटर तबाह कर दिए गए। लेकिन 28दिन बाद भी ईरान ने न सिर्फ जवाबी हमले जारी रखे हैं, बल्कि इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन की नई लहरें दाग रही है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या 90%कम हो गई है, फिर भी तेहरान का हमला थमा नहीं है। कारण? ईरान के पांच ऐसे हथियार जो अभी भी बाकी हैं और जिनकी खासियतें उन्हें पूरी तरह मिटाना मुश्किल बना रही हैं। ये हथियार सस्ते, मोबाइल और स्वार्म टैक्टिक्स पर आधारित हैं, जो महंगे अमेरिकी-इजरायली इंटरसेप्टरों को खाली कर रहे हैं। तो चलिए उन हथियारों के बारे में जानते हैं।
1. शाहेद-136आत्मघाती ड्रोन
शाहेद-136आत्मघाती ड्रोन को ईरान का सबसे घातक और सस्ता हथियार माना जा रहा है। करीब 20,000डॉलर की लागत, 110पाउंड वारहेड और 1,000मील से ज्यादा रेंज। ये धीरे-धीरे उड़ता है, रडार को चकमा देता है और बड़े स्वार्म में आता है। 28दिन बाद भी ईरान इसे ट्रक से लॉन्च कर खाड़ी के अमेरिकी बेस और इजरायली ठिकानों पर दाग रहा है। एक ड्रोन को मारने में अमेरिका को लाखों डॉलर का पैट्रियट या THAAD इंटरसेप्टर खर्च करना पड़ रहा है। सस्तेपन के कारण ईरान के पास अभी भी हजारों की संख्या में बचे हुए हैं।
2. फत्ताह-1हाइपरसोनिक मिसाइल
ईरान का दावा है कि यह माच 13-15की स्पीड से उड़ती है और रेंज 1,400किमी है। हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल की वजह से यह अनप्रेडिक्टेबल तरीके से मैन्यूवर कर सकती है। युद्ध के शुरूआती दिनों में इसका इस्तेमाल सीमित था, लेकिन अब ईरान इसे रिजर्व के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इजरायल और अमेरिका अभी भी इसकी पूरी क्षमता को नहीं रोक पाए हैं।
3. ज़ोल्फ़ाग़ार बैलिस्टिक मिसाइल
सॉलिड फ्यूल वाली यह शॉर्ट-रेंज मिसाइल (700किमी) तेजी से लॉन्च होती है और मिड-कोर्स में वारहेड अलग हो जाता है। इससे डिटेक्शन और इंटरसेप्शन बेहद मुश्किल हो जाता है। लेकिन ईरान ने हाल के हमलों (76वीं और 77वीं वेव) में इसका इस्तेमाल किया। रोड-मोबाइल लॉन्चर की वजह से इसे छिपाना आसान है। अमेरिकी और इजरायली हमलों के बावजूद यह मिसाइल अभी भी खाड़ी और इजरायल तक पहुंच रही है।
4. शाहाब-3परिवार की बैलिस्टिक मिसाइलें
ईरान का क्लासिक लेकिन अभी भी घातक हथियार। भारी वारहेड (1,700पाउंड) और मिडिल ईस्ट के ज्यादातर हिस्से को कवर करने वाली रेंज। ये मिसाइलें ड्रोन स्वार्म के साथ मिलकर इस्तेमाल की जाती हैं, जिससे दुश्मन की एयर डिफेंस सैचुरेट हो जाती है। युद्ध के 28वें दिन भी ईरान इनकी कुछ लॉन्चर्स और स्टॉक को बचाकर रखने में कामयाब रहा है।
5. इमाद और घद्र मिसाइलें
शाहाब-3 की बेहतर और ज्यादा सटीक वेरिएंट। रेंज 1,200 मील तक और 1,700 पाउंड तक का वारहेड। ये मिसाइलें क्लस्टर मुनिशन भी ले जा सकती हैं, जो बड़े क्षेत्र में नुकसान पहुंचाती हैं।
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