
Kailash Mansarovar Yatra Resume: साल 2020 में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के कारण कई चीजों पर रोक लगा दी गई थी। जैसे दोनों देशों को बीच सीधे फलाइट नहीं चल रही थी। वहीं, मानसरोवर यात्रा को भी रोक दिया गया था। मानसरोवर यात्रा करने का मन बना कर इंतजार करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग में चल रही जी-20 बैठक के दौरानचीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच मानसरोवर यात्रा को लेकर भी बातचीत हुई।
इस मुलाकात की जानकारी खुद विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर दी। उन्होंने लिखा कि जोहान्सबर्ग में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक से आज सुबह सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मिलने का अवसर मिला। गौरतलब है कि भारत-चीन के बीच रिश्तों में बहुत सुधार आई है। बीते दिनों ही दोनों देशों ने सीमा विवाद सुलझा कर 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल कर दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों के देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइटभी उड़ने लगेगी।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव रणधीर जायसवाल ने भी प्रेस वार्ता करके जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों ने नवंबर में अपनी पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुए विकास की समीक्षा की। उन्होंने कि दोनों मंत्रियों ने इस दौरान विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के प्रबंधन पर भी बात की। इसके आगे विदेश सचिव ने कहा, “बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के प्रबंधन, कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीधी उड़ान कनेक्टिविटी की बहाली और यात्रा सुविधा पर चर्चा की गई। जी-20 और शंघाई सहयोग संगठन पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।“
फिर से शुरु होगी मानसरोवर यात्रा
विदेश मंत्रालय ने बताया था कि दोनों पक्षों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का फैसला किया। संबंधित तंत्र मौजूदा समझौतों के अनुसार ऐसा करने के तौर-तरीकों पर चर्चा करेगा। बता दें कि भारत उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे और सिक्किम में नाथू ला दर्रे के माध्यम से जून और सितंबर के बीच हर साल केएमवाई का आयोजन करता है।
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