बिहार के 8 करोड़ लोग वोटर लिस्ट से हटेंगे? तेजस्वी यादव ने EC को लेकर किया बड़ा दावा

बिहार के 8 करोड़ लोग वोटर लिस्ट से हटेंगे? तेजस्वी यादव ने EC को लेकर किया बड़ा दावा

Tejashwi Yadav On EC: बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा बताए जा रहे तेजस्वी यादव ने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को महागठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं के साथ राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा की है। इसका मतलब है कि 8 करोड़ बिहारियों की मतदाता सूची को दरकिनार कर दिया गया है और एक नई सूची बनाई जाएगी। चुनाव से 2 महीने पहले ऐसा क्यों किया जा रहा है? क्या 25 दिनों के भीतर आठ करोड़ लोगों की मतदाता सूची बनाना संभव है?मांगे गए दस्तावेज़ ऐसे हैं जो गरीबों के पास शायद ही हों। हमारा प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से संपर्क करेगा। सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी डरे हुए हैं। वे चाहते हैं कि गरीबों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाए... वे समाज के गरीब तबके से वोट देने का अधिकार छीनना चाहते हैं।"

ममता बनर्जी ने भी EC पर उठाया सवाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार चुनाव के नाम पर पूरे देश में एनआरसी जैसी प्रक्रिया लागू करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक और अलार्मिंग करार दिया। ममता ने कहा कि राज्य सरकार को चुनाव आयोग से कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जिनमें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र जमा करने की बात कही गई है। यह फिलहाल बिहार में लागू किया गया है, लेकिन साफ है कि इसे देश के हर राज्य में लागू किया जाएगा। असली निशाना बंगाल है, क्योंकि वे प्रवासी मजदूरों और गरीब वोटरों से डरते हैं। सीएम ने सवाल उठाया कि गरीबों और श्रमिकों के पास अपने माता-पिता के प्रमाण पत्र कहां से आएंगे? उन्होंने इस नई प्रक्रिया की तुलना सीधे एनआरसी से की और इसे उससे भी अधिक खतरनाक बताया।

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