
Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मई की भीषण गर्मी के बीच शनिवार देर रात तेज हवाओं और भारी बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग IMD ने पहले ही दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की थी। ऐसे में हवाओं की रफ्तार 70 किमी/घंटा से अधिक रही, जिससे कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और नुकसान हुआ। लेकिन सवाल यह है कि मई में ऐसी बारिश और तूफान क्यों? अभी तर मानसून ने भी पूरी तरह दस्तक नहीं दी हैं।
पश्चिमी विक्षोभ और काल बैसाखी का असर
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, इस अचानक बारिश के पीछे पश्चिमी हवा और काल बैसाखी का प्रभाव है। मई में एक असामान्य मौसम देखने को मिला जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया, जो आमतौर पर सर्दियों में आता है। इसके साथ ही पूर्वी भारत से नम हवाएं आईं, जिससे काल बैसाखी तूफान बना। इसके कारण तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश हुई। यह इस सप्ताह का दूसरा बड़ा तूफान था, क्योंकि 21 मई को भी दिल्ली-एनसीआर में तेज धूल भरी आंधी चली थी।
राहत के साथ चुनौतियां
तेज बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हुआ। गाजियाबाद में एक दुखद हादसे में एसीपी दफ्तर की छत ढहने से सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार मिश्रा की मौत हो गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी आईं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और पेड़ों या असुरक्षित संरचनाओं के पास न जाने की सलाह दी है। आईएमडी के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, और हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, और तापमान फिर से बढ़ सकता है। मौसम के इस बदलाव ने जलवायु परिवर्तन और अप्रत्याशित मौसमी घटनाओं पर चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं, जिसके लिए बेहतर तैयारियों की जरूरत है।
पश्चिमी विक्षोभ और काल बैसाखी का असर
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, इस अचानक बारिश के पीछे पश्चिमी हवा और काल बैसाखी का प्रभाव है। मई में एक असामान्य मौसम देखने को मिला जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया, जो आमतौर पर सर्दियों में आता है। इसके साथ ही पूर्वी भारत से नम हवाएं आईं, जिससे काल बैसाखी तूफान बना। इसके कारण तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश हुई। यह इस सप्ताह का दूसरा बड़ा तूफान था, क्योंकि 21 मई को भी दिल्ली-एनसीआर में तेज धूल भरी आंधी चली थी।
राहत के साथ चुनौतियां
तेज बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हुआ। गाजियाबाद में एक दुखद हादसे में एसीपी दफ्तर की छत ढहने से सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार मिश्रा की मौत हो गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी आईं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और पेड़ों या असुरक्षित संरचनाओं के पास न जाने की सलाह दी है। आईएमडी के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, और हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, और तापमान फिर से बढ़ सकता है। मौसम के इस बदलाव ने जलवायु परिवर्तन और अप्रत्याशित मौसमी घटनाओं पर चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं, जिसके लिए बेहतर तैयारियों की जरूरत है।
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